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US Iran Conflict

US Iran Conflict: अमेरिका की सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान ने बहरीन और जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है. मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ गया है और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता गहरा गई है.

US Iran Conflict: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव युद्ध में बदल गया है. अमेरिकी एयरस्ट्राइक के जवाब में ईरान ने कुवैत और बहरीन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमले किए हैं, जिससे खाड़ी देशों में कोहराम मच गया है.

US-Iran deal: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर चेतावनी दी है कि अगर समझौता नहीं हुआ तो हालात युद्ध जैसे हो सकते हैं. उन्होंने कई मुस्लिम देशों से अब्राहम समझौते में शामिल होने की अपील भी की.

India rescue operation West Asia: मोदी सरकार के अनुसार खाड़ी और पश्चिम एशिया क्षेत्र में संघर्ष के बीच अब तक 2,922 से अधिक भारतीय नाविकों को सुरक्षित वापस लाया गया है.

Donald Trump Cards Post: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एक नई तस्वीर ने पूरी दुनिया में खलबली मचा दी है. ईरान से तनातनी और जर्मनी से तल्खी के बीच ट्रंप का "खेल मेरे हाथ में है" वाला मैसेज आखिर किस बड़े 'ग्लोबल गेम' का इशारा कर रहा है?

American military loss Iran war: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव में CSIS की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका को करीब 24 हजार करोड़ रुपये का सैन्य नुकसान हुआ है.

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है, जहां Donald Trump ने समुद्री नाकेबंदी का ऐलान किया. ईरान ने जवाब में तेल कीमतों में भारी उछाल की चेतावनी दी, जिससे वैश्विक महंगाई का खतरा बढ़ गया है...

आज शाम 7:30 बजे से अमेरिकी सेना ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी शुरू कर देगी. राष्ट्रपति ट्रंप के आदेश के बाद CENTCOM ने होर्मुज स्ट्रेट के आसपास चौकसी बढ़ा दी है. इस कदम से चीन और ईरान के साथ अमेरिका का तनाव चरम पर पहुंच गया है.

इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच 21 घंटे चली शांति वार्ता फेल हो गई है. जेडी वेंस बिना किसी समझौते के वापस लौट गए हैं. वहीं डोनाल्ड ट्रंप ने चीन को चेतावनी दी है कि अगर उसने ईरान को हथियार भेजे तो उसे गंभीर नतीजे भुगतने होंगे.

अमेरिका और ईरान के बीच शांति की कोशिशों को बड़ा झटका लगा है. इस्लामाबाद में हुई हाई-लेवल मीटिंग के बाद जेडी वेंस ने साफ कर दिया कि ईरान अमेरिकी 'रेड लाइन्स' मानने को तैयार नहीं है. परमाणु हथियारों और शिपिंग विवाद पर पेंच फंसने से वार्ता विफल हो गई.