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US Iran Conflict

इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच 21 घंटे चली शांति वार्ता फेल हो गई है. जेडी वेंस बिना किसी समझौते के वापस लौट गए हैं. वहीं डोनाल्ड ट्रंप ने चीन को चेतावनी दी है कि अगर उसने ईरान को हथियार भेजे तो उसे गंभीर नतीजे भुगतने होंगे.

अमेरिका और ईरान के बीच शांति की कोशिशों को बड़ा झटका लगा है. इस्लामाबाद में हुई हाई-लेवल मीटिंग के बाद जेडी वेंस ने साफ कर दिया कि ईरान अमेरिकी 'रेड लाइन्स' मानने को तैयार नहीं है. परमाणु हथियारों और शिपिंग विवाद पर पेंच फंसने से वार्ता विफल हो गई.

United States, Israel और Iran के बीच 40 दिन चली जंग में 3800 से ज्यादा लोगों की मौत और लाखों बेघर हुए. सीजफायर के बावजूद वैश्विक अर्थव्यवस्था, तेल बाजार और खाड़ी देशों की GDP पर भारी असर पड़ा है...

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान (Mojtaba Khamenei)के तेल पर कब्जे करने का संकेत दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना ईरान के खर्ग द्वीप पर कब्जा कर सकती है। खर्ग द्वीप को ईरान की तेल आधारित अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है क्योंकि यहीं से देश का करीब 90 फीसदी तेल निर्यात किया जाता है।

JD Vance US Iran conflict statement: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच जेडी वेंस के बयान ने ईरान युद्ध को लेकर नई उलझन पैदा कर दी है. उन्होंने एक ओर युद्ध जल्द खत्म होने की बात कही...

सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि अमेरिका ने भारत से सैन्य ठिकानों के इस्तेमाल की इजाजत मांगी है. विदेश मंत्रालय ने इसे 'फेक न्यूज' बताते हुए खारिज किया है.

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खार्ग द्वीप पर दोबारा हमले की धमकी देते हुए कहा कि वे "मजे के लिए" ऐसा कर सकते हैं. इधर ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई में अमेरिकी तेल और आर्थिक ठिकानों को तबाह करने की चेतावनी दी है.

कोरिया से लेकर वेनेजुएला तक और वियतनाम से लेकर ईरान तक, क्या अमेरिका की विदेश नीति केवल 'झूठ और दादागिरी' पर टिकी है? सोशल मीडिया पर वायरल एक पोस्ट ने 1950 से लेकर 2026 तक के अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेपों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

सोशल मीडिया पर एक सनसनीखेज दावा तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कहा गया है कि अमेरिका, ईरान पर हमले के लिए भारतीय बंदरगाहों और नौसैनिक अड्डों का इस्तेमाल कर रहा है. मामले की गंभीरता को देखते हुए विदेश मंत्रालय (MEA) ने तुरंत हस्तक्षेप किया है. जानें क्या है सच.

US Iran Conflict: ईरान के पास मिसाइलों का बहुत बड़ा भंडार है. इससे पहले जब इजरायल के साथ उसका 12 दिनों तक संघर्ष चला तब उसने पहली बार अपनी ताकत दिखाई. ईरान के इन मिसाइल हमलों में इजरायल का डिफेंस सिस्टम नाकाम हो गया.