Bharat Express DD Free Dish

US Israel Iran conflict

Iran US Talks: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए पाकिस्तान एक बार फिर मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है. इस्लामाबाद में संभावित वार्ता ‘इंडायरेक्ट’ तरीके से हो सकती है.

Donald Trump India Hellhole controversy: डोनाल्ड ट्रंप की सोशल मीडिया रीपोस्ट से भारत को ‘नरक’ कहे जाने वाला विवाद गहराया. ईरानी कॉन्सुलेट और अमेरिकी डेमोक्रेटिक पार्टी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी, जबकि भारत ने इसे तथ्यहीन और अनुचित बताया.

US Iran War Impact Condom Market: अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव की आग अब सीधे बेडरूम तक पहुंच गई है. दुनिया की सबसे बड़ी कंडोम निर्माता कंपनी 'कारेक्स' ने चेतावनी दी है कि कच्चे माल की किल्लत और सप्लाई चेन बिगड़ने से कंडोम की कीमतों में 30% तक की बढ़ोतरी होने वाली है.

Strait of Hormuz: होर्मुज की खाड़ी में ईरान ने भारत आ रहे जहाज 'एपोमिनोन्डास' को चेतावनी देकर रुकवाया और 3 जहाजों की ओर फायरिंग कर डाली. ट्रंप के सीजफायर के बाद भी वहां तनाव बरकरार है.

Iran US conflict: मिडिल ईस्ट में बढ़ते ईरान-अमेरिका तनाव के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संकेत दिया है कि भारत फिलहाल मध्यस्थता नहीं कर रहा, लेकिन भविष्य में अहम भूमिका निभा सकता है.

Islamic Revolutionary Guard Corps ने Strait of Hormuz के पास एक कंटेनर शिप पर फायरिंग कर तनाव बढ़ा दिया. हमले में जहाज के कंट्रोल रूम को नुकसान हुआ, जबकि अमेरिका-ईरान वार्ता पर भी संकट गहराता दिख रहा है...

US Israel Iran conflict: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ संघर्षविराम को पाकिस्तान की अपील पर बढ़ाने का ऐलान किया है. होर्मुज पर नाकाबंदी जारी रहेगी, जबकि शांति वार्ता पर अनिश्चितता बनी हुई है.

US Israel Iran conflict: अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में शांति वार्ता की तैयारी तेज, ट्रंप शामिल हो सकते हैं. पाकिस्तान ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं.

US Iran War Update: बुधवार शाम अमेरिका-ईरान युद्धविराम खत्म हो रहा है और 'इस्लामाबाद वार्ता-टू' पर सस्पेंस बरकरार है. ट्रंप की समुद्री घेराबंदी की चेतावनी और इजरायल के लगातार जारी हमलों के बीच अब सवाल यह है कि क्या यह जंग रुकने वाली है?

US Israel Iran conflict: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान न्यूक्लियर डील को लेकर बराक ओबामा और जो बाइडेन पर निशाना साधा. उन्होंने दावा किया कि पिछली सरकार ने अरबों डॉलर नकद ईरान भेजे थे और यह समझौता अमेरिका की सुरक्षा के लिए बेहद खतरनाक था.