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यूपी में बचाई गईं गंगा की डॉल्फिन: शारदा नहर में कम पानी के चलते मुसीबत में थीं दुर्लभ मछलियां, यूं घाघरा नदी में छोड़ी गईं

उत्‍तर प्रदेश में एक नहर से 6 गंगा डॉल्फिनों को रेस्क्यू कर पानी से लबालब घाघरा नदी में सुरक्षित छोड़ा गया. ये मछलियां भारत की राष्ट्रीय जलीय जीव हैं और इन्हें IUCN की रेड लिस्ट में संकटग्रस्त प्रजातियों में रखा गया है.

Dolphins Rescued from Lucknow

दुर्लभ मछलियों (गंगा डॉल्फिन) का बचाव अभियान

भारत एक्सप्रेस के संवाददाता अनुज कुमार।


Dolphins Rescued from Lucknow Canal: उत्‍तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के एक इलाके से दुर्लभ मछलियों (गंगा डॉल्फिन) को सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर घाघरा नदी में छोड़ा गया. ये मछलियां मोहनलालगंज क्षेत्र के अचलीखेड़ा गांव में शारदा नहर में से बाहर निकाली गईं, जहां पानी कम था और उनकी जान जा सकती थी.

संवाददाता ने बताया कि उत्तर प्रदेश वन विभाग और टर्टल सर्वाइवल एलायंस फाउंडेशन इंडिया (TSAFI) के संयुक्त प्रयास से गंगा डॉल्फिनों को बचाने का अभियान पूरा हुआ. यह रेस्क्यू ऑपरेशन 28 मई की रात 2 बजे शुरू होकर दोपहर 12 बजे तक चला. इस दौरान 6 गंगा डॉल्फिनों को रेस्क्यू कर घाघरा नदी में पुनः प्रवासित किया गया.

dolphin fish

6 गंगा डॉल्फिनों में 4 मादा मछली और 2 शिशु शामिल थे. डीएफओ सितांशू पाण्डेय ने बताया कि सभी डॉल्फिनों को सुरक्षित रूप से उनके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया है. उन्‍होंने कहा कि पानी की कमी के कारण डॉल्फिनें नहर में फंसी थीं, जिन्‍हें 24 घंटे के भीतर सफलतापूर्वक बचाया है.

यह है डॉल्फिनों को बचाने वाली टीम

यह रेस्क्यू अभियान पीसीसीएफ वन्यजीव प्रतिपालक श्रीमती अनुराधा वेमुरी, आईएफएस के नेतृत्व में संचालित हुआ. विशेषज्ञ टीम में डॉ. शैलेन्द्र सिंह (निदेशक, TSAFI), डॉ. अरुणिमा सिंह, श्रीपर्णा दत्त, डॉ. अनुराग, डॉ. आशीष सिंह, पवन पारीक, सुरेशपाल, हर्षित सिंह, संताराम और रिंकू शामिल रहे. इसके अलावा उप विभागीय वनाधिकारी श्री चंदन चौधरी, रेंज ऑफिसर, डिप्टी रेंजर योगेश मिश्रा, रहीस समेत वन विभाग की टीम की भी अहम भूमिका रही.

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राष्ट्रीय जलीय जीव हैं गंगा डॉल्फिन

गौरतलब है कि गंगा डॉल्फिन भारत की राष्ट्रीय जलीय जीव हैं और इन्हें IUCN की रेड लिस्ट में संकटग्रस्त प्रजातियों में रखा गया है. इनके संरक्षण के लिए समय पर ऐसे प्रयास बेहद महत्वपूर्ण हैं. बताया जाता है कि वन विभाग और TSAFI की टीम अब तक कुल 40 डॉल्फिनों को सुरक्षित रूप से उनके प्राकृतिक वास में छोड़ चुकी है.

यह सफलता टीम भावना, विशेषज्ञता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति समर्पण का एक अनुकरणीय उदाहरण है.

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