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जनगणना 2027: पहाड़ी इलाकों में घर-घर सर्वे का ऐलान, इस तारीख से खुद ऑनलाइन भर सकेंगे डिटेल्स; जानें कब शुरू होगी प्रक्रिया

देश में होने वाली अगली जनगणना 2027 को लेकर सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी और दुर्गम इलाकों के लिए ‘जनसंख्या गणना’ का आधिकारिक शेड्यूल जारी कर दिया गया है.

Census 2027, Ladakh, Himachal Pradesh

Census 2027: देश में होने वाली अगली जनगणना को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है. सरकार ने जनगणना 2027 के दूसरे चरण यानी ‘जनसंख्या गणना’ के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. यह नोटिफिकेशन फिलहाल उन खास पहाड़ी और बर्फबारी से प्रभावित इलाकों के लिए है जहां साल के ज्यादातर समय मौसम खराब रहता है या काम करना मुश्किल होता है.

इसमें लद्दाख और जम्मू-कश्मीर के बर्फीले इलाकों के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्र शामिल हैं. मौसम के मिजाज को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इन इलाकों के लिए एक अलग और एडवांस टाइम-टेबल तय किया है.

क्या रहेगा पूरा शेड्यूल?

नोटिफिकेशन के मुताबिक इन दुर्गम क्षेत्रों के लिए तारीखें कुछ इस तरह तय की गई हैं:

खुद जानकारी भरने का मौका (सेल्फ एन्युमेरेशन): 17 अगस्त 2026 से 31 अगस्त 2026 तक

मुख्य जनसंख्या गणना (घर-घर सर्वे): 1 सितंबर 2026 से 30 सितंबर 2026 तक

आंकड़ों का सत्यापन: 1 अक्टूबर 2026 से 5 अक्टूबर 2026 तक

रेफ्रेंस डेट: सरकार ने इन इलाकों के लिए 1 अक्टूबर 2026 को आधार तारीख माना है. यानी इसी तारीख के हिसाब से वहां की कुल आबादी का आधिकारिक आंकड़ा दर्ज किया जाएगा.

घर बैठे ऑनलाइन भर सकेंगे डिटेल्स

इस बार की प्रक्रिया में एक खास सुविधा यह जोड़ी गई है कि घर-घर सरकारी कर्मचारी पहुंचने से पहले आम जनता को खुद ऑनलाइन अपनी जानकारी दर्ज करने का मौका मिलेगा. उत्तराखंड, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोग 17 अगस्त से 31 अगस्त के बीच खुद पोर्टल पर जाकर अपने परिवार की सारी डिटेल्स भर सकेंगे. इससे प्रक्रिया काफी आसान हो जाएगी. इस पूरी व्यवस्था से जुड़ी जानकारी जनगणना विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर भी डाल दी गई है.

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गणना में क्या-जानकारी देनी होगी?

बता दें कि ‘जनसंख्या गणना’ इस पूरी प्रक्रिया का सबसे अहम चरण है, जिसमें अधिकारियों द्वारा घर-घर जाकर हर परिवार का पूरा कच्चा-चिट्ठा तैयार किया जाता है. इस दौरान मुख्य रूप से ये सवाल पूछे जाएंगे.

  1. व्यक्ति का नाम और उम्र
  2. लिंग और वैवाहिक स्थिति
  3. धर्म और मातृभाषा या बोली जाने वाली भाषा
  4. पढ़ाई-लिखाई का स्तर (शिक्षा)
  5. यदि कोई व्यक्ति अनुसूचित जाति (SC) या अनुसूचित जनजाति (ST) से ताल्लुक रखता है तो उसकी जानकारी

सरकार का साफ मकसद यह है कि देश के इन दूर-दराज और पहाड़ी इलाकों में एक भी नागरिक छूटे नहीं और हर किसी की सही गिनती समय पर पूरी हो सके.

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-भारत एक्सप्रेस



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