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Gen Alpha: न शादी का सपना, न बच्चों की चाह, नई पीढ़ी के लिए करियर और दोस्ती ही सबसे बड़ी प्राथमिकता

Gen Alpha kids survey: नई पीढ़ी यानी जेन अल्फा (Gen Alpha) अपने भविष्य को लेकर पहले से ज्यादा साफ सोच रखती है. हालिया सर्वे में सामने आया है कि ये पीढ़ी शादी और बच्चों को प्राथमिकता नहीं दे रही है.

Gen Alpha kids survey
Edited by Sahil Singh

जेन अल्फा शादी और बच्चों से ज्यादा करियर और दोस्ती को महत्व दे रही है. यह बदलती सोच आने वाले समय में समाज और अर्थव्यवस्था दोनों को प्रभावित कर सकती है. चलिए जानते है:

सोच और प्राथमिकताओं को लेकर स्पष्ट

जेन अल्फा यानी 2010 के बाद जन्मी गई नई पीढ़ी अपनी सोच और प्राथमिकताओं को लेकर पहले से काफी स्पष्ट (quite clear) नजर आ रही है. हाल ही में हुए एक सर्वे में यह सामने आया है कि यह पीढ़ी पारंपरिक लाइफ स्टाइल , खासकर शादी और बच्चों को लेकर एक्साइटेड नहीं है.

कम उम्र में ही ये बच्चे समझने लगे हैं कि वे अपनी जिंदगी में क्या नहीं चाहते, और यही बात उन्हें पिछली पीढ़ियों से बहुत ज्यादा अलग बनाती है.

शादी और परिवार के ढांचे से दूरी

सर्वे में 13 से 16 साल के करीब 700 किशोरों से बात की गई. इसमें पाया गया कि सिर्फ 51 प्रतिशत ही शादी को अपनी प्राथमिकता (Priority) मानते हैं, जबकि केवल 56 प्रतिशत ही भविष्य में बच्चे करना चाहते हैं. यानी लगभग आधी जेन अल्फा ( Zen alpha) शादी और परिवार के पारंपरिक ढांचे से दूरी बनाना चाहती है.

इसके बजाय ये बच्चे आर्थिक रूप से मजबूत बनने, अच्छा करियर बनाने और अपने दोस्तों के साथ मजबूत और अच्छे रिश्ते बनाने को ज्यादा अहमियत दे रहे हैं.

सही मार्गदर्शन की जरूरत

हालांकि, इनकी सोच साफ है, लेकिन एक बड़ी चुनौती भी सामने आई है. सर्वे के अनुसार, जेन अल्फा अपने लक्ष्यों को लेकर तो स्पष्ट है, लेकिन उन्हें यह नहीं पता कि पढ़ाई के बाद असली जिंदगी में कदम कैसे रखा जाए. विशेषज्ञों (Experts) का मानना है कि यह पीढ़ी आत्मनिर्भर बनना चाहती है, लेकिन उन्हें सही मार्गदर्शन (Guidance) की जरूरत है.

भविष्य में जन्म दर में बड़ी गिरावट

अगर हम पिछले आंकड़ों पर नजर डालें, तो शादी को लेकर दिलचस्पी हर पीढ़ी के साथ घटती गई है. जहां बेबी बूमर्स में लगभग 96 प्रतिशत लोगों ने शादी की, वहीं जेन एक्स में यह आंकड़ा 82 प्रतिशत और मिलेनियल्स में 67 प्रतिशत तक गिर गया. जेन Z (Gen Z) में यह करीब 56-58 प्रतिशत है, और अब जेन अल्फा में यह और कम होता दिख रहा है.

विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगर यह ट्रेंड जारी रहा, तो भविष्य में जन्म दर में बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है. इससे आर्थिक संतुलन बिगड़ सकता है, क्योंकि काम करने वाली आबादी कम होगी और बुजुर्गों की संख्या बढ़ेगी.

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-भारत एक्सप्रेस



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