Gold Silver Price Today: अगर आप पिछले कुछ दिनों की गिरावट को देखकर यह उम्मीद लगाये बैठे थे कि सोना और सस्ता होगा, तो फिलहाल आपके अरमानों पर पानी फिरता नजर आ रहा है. शुक्रवार की सुबह सर्राफा बाजार से जो खबरें आईं, उन्होंने आम आदमी से लेकर बड़े निवेशकों तक को हैरान कर दिया है. भारी गिरावट के बाद कीमती धातुओं ने ऐसी रफ्तार पकड़ी है कि मानों कीमतों ने अचानक ‘यू-टर्न’ ले लिया हो.
सोने का भाव ₹1.41 लाख के पार
आज सुबह जैसे ही बाजार खुला, 24 कैरेट सोने की चमक अचानक बढ़ गई. देखते ही देखते इसमें प्रति 10 ग्राम करीब ₹1500 की उछाल दर्ज की गई. अब आलम यह है कि सोने का भाव ₹1.41 लाख के स्तर को पार कर गया है. विशेषज्ञों का कहना है कि सोना भले ही उतार-चढ़ाव देख रहा हो, लेकिन ₹1.40 लाख का जो ‘सपोर्ट लेवल’ है, उसे तोड़ना फिलहाल मुश्किल लग रहा है. यानी, सोना अपनी मजबूती दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा.
चांदी की रॉकेट जैसी रफ्तार
सोने से भी ज्यादा चौंकाने वाली खबर चांदी की तरफ से आई है. चांदी की कीमतों में तो जैसे आग लग गई हो! सिर्फ एक सुबह में चांदी ₹5000 प्रति किलो तक महंगी हो गई. अब एक किलो चांदी खरीदने के लिए आपको ₹2,24,801 की बड़ी रकम चुकानी होगी. गौर करने वाली बात यह है कि बाजार में चाहे जितनी मंदी की बातें हों, चांदी का भाव ₹2 लाख के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे आने का नाम ही नहीं ले रहा है.
क्यों बदला बाजार का मूड?
बाजार में आई इस अचानक तेजी के पीछे सात समंदर पार अमेरिका का हाथ माना जा रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमले की समयसीमा को 10 दिन और टाल दिया है. इस फैसले ने ग्लोबल मार्केट को थोड़ी राहत दी, जिससे निवेशकों का भरोसा लौटा और उन्होंने फिर से सोने-चांदी की खरीदारी शुरू कर दी.
हालांकि, तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है. एक तरफ तुर्की के सेंट्रल बैंक द्वारा भारी मात्रा में सोना बेचने की खबरें हैं, तो दूसरी तरफ कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें महंगाई का डर दिखा रही हैं. डॉलर इंडेक्स भी अपनी मजबूती बरकरार रखे हुए है, जिसका सीधा मतलब है कि विदेशी बाजारों में सोना महंगा बना रहेगा.
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एक्सपर्ट्स की सलाह
आपको बता दें कि बाजार के जानकारों का मानना है कि इस उछाल को ‘परमानेंट तेजी’ समझना जल्दबाजी होगी. इसे शेयर बाजार की भाषा में ‘राहत रैली’ या ‘शॉर्ट कवरिंग’ कहा जा रहा है. अगर डॉलर और मजबूत होता है या बैंक अपनी ब्याज दरें बढ़ाते हैं, तो सोने-चांदी की कीमतें दोबारा नीचे आ सकती हैं. इसलिए, यदि आप निवेश के नजरिए से खरीदारी करना चाहते हैं, तो थोड़ा रुकना और बाजार की चाल को समझना समझदारी हो सकती है.
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-भारत एक्सप्रेस
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