Akash Shukla Pedalyatra/Yash Dwivedi: आज के दौर में जहां 22 साल के युवा अपने करियर और सुख-सुविधाओं की दौड़ में लगे हैं, वहीं उत्तर प्रदेश के सीतापुर का एक बेटा एक अनोखे और कठिन संकल्प के साथ सड़कों पर निकल पड़ा है. हम बात कर रहे हैं आकाश शुक्ला की, जो महज 22 साल की उम्र में देशभर में ‘गौ रक्षा’ का अलख जगाने के लिए 12 ज्योतिर्लिंगों और चारों धामों की पैदल यात्रा पर निकले हैं.
सोमवार को जब आकाश अपनी यात्रा के 12वें दिन फतेहपुर पहुंचे, तो उनके जज्बे को देखकर हर कोई दंग रह गया. कंधे पर भारी बैग, हाथ में शान से लहराता तिरंगा और जुबां पर गौ माता की रक्षा का संकल्प. आकाश की यह सादगी भरी तस्वीर आज सोशल मीडिया और जमीन पर चर्चा का विषय बनी हुई है.
फतेहपुर में हुआ जोरदार स्वागत
जैसे ही आकाश के फतेहपुर पहुंचने की खबर मिली, स्थानीय हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता उनके स्वागत के लिए उमड़ पड़े. फूल-मालाओं के साथ उनका अभिनंदन किया गया. सफर की थकान को देखते हुए कार्यकर्ताओं ने उनके रुकने और भोजन का पूरा इंतजाम किया. आकाश की हिम्मत की तारीफ करते हुए लोगों ने कहा कि आज के समय में इस तरह का धार्मिक और सामाजिक संकल्प लेना वाकई बड़ी बात है.
रोजाना 25 किलोमीटर का सफर और गौ सेवा का संदेश
आकाश सीतापुर जिले के महोली कस्बे के रहने वाले हैं. बीते 12 दिनों से वे बिना थके लगातार चल रहे हैं. उनका रूटीन काफी सख्त है, वे रोजाना करीब 20 से 25 किलोमीटर की दूरी पैदल ही तय करते हैं. रास्ते में जो भी मिलता है, आकाश उन्हें रोककर गौ माता की सेवा और उनकी रक्षा के बारे में जागरूक करते हैं. उनका मानना है कि जब तक युवा अपनी संस्कृति और धर्म के प्रति जागरूक नहीं होगा, तब तक समाज में बड़ा बदलाव नहीं आ सकता.
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क्यों शुरू की यह कठिन यात्रा?
जब आकाश से उनकी इस यात्रा के उद्देश्य के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बहुत ही सरल शब्दों में बड़ी बात कह दी. आकाश का कहना है, “मेरा मकसद सिर्फ भगवान भोलेनाथ के दर्शन करना ही नहीं है, बल्कि मैं चाहता हूं कि रास्ते में पड़ने वाले हर गांव और शहर के युवाओं को अपनी जड़ों, अपनी संस्कृति और विशेषकर गौ रक्षा के प्रति सचेत कर सकूं.”
आकाश के इस सफर में उनके पास कोई बड़ी गाड़ियां या सुख-सुविधाएं नहीं हैं, बस जरूरत का थोड़ा सा सामान और अटूट विश्वास है. फतेहपुर से विदा लेकर अब वे अपने अगले पड़ाव की ओर बढ़ चले हैं. उनकी यह यात्रा न केवल धार्मिक है, बल्कि समाज को एक नई दिशा देने की एक छोटी सी कोशिश भी है.
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-भारत एक्सप्रेस
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