यह आदेश न्यायमूर्ति अजित कुमार ने खेदन व 23अन्य कर्मचारियों की याचिका पर दिया है. याचिका पर अधिवक्ता अक्षय रघुवंशी व बी के सिंह रघुवंशी ने बहस की. इससे पहले कोर्ट ने दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की मूल पत्रावली सहित चीफ इंजीनियर सिंचाई विभाग से हलफनामा मांगा था और कहा था कि ऐसा करने में विफल रहे तो हाजिर हों.
इसपर अधिशासी अभियंता ने अपर मुख्य स्थाई अधिवक्ता को पत्र लिखकर एक माह का अतिरिक्त समय मांगने का अनुरोध किया.इसपर कोर्ट ने कहा अधिकारी को हाजिर होना चाहिए था या हाजिरी माफी की अर्जी देनी थी. कोर्ट ने कहा आज ही अर्जी दे अन्यथा कोर्ट के अधिकार को कमतर करना माना जायेगा.इसपर कोर्ट ने वारंट जारी कर तलब किया है.
याची अधिवक्ता का कहना है कि अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग गोरखपुर ने स्वीकार किया है कि 217दैनिक श्रमिक है.वे बोनस भी प्राप्त कर रहे हैं. याचियो के बारे में कहा गया कि मस्टर रोल पर इनका नाम नहीं है. इसलिए ये दैनिक श्रमिक नही है.जिसपर कोर्ट ने पत्रावली पेश करने का आदेश दिया था.
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-भारत एक्सप्रेस
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