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चंपत राय को पता था राम मंदिर में हो रही चोरी, पुलिस के सामने किया बड़ा खुलासा, बोले- ‘ये मेरी गलती थी’

Ram Mandir Donation Case: अयोध्या राम मंदिर से जुड़े कथित दान हेराफेरी मामले में पुलिस ने सभी 8 आरोपियों की रिमांड की तैयारी तेज कर दी है. जबकि SIT जल्द अयोध्या पहुंचकर जांच की समीक्षा करेगी.

Ram Mandir Donation Case- Champat Rai

अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े कथित हेराफेरी मामले की जांच अब अहम मोड़ पर पहुंच गई है. जांच एजेंसियां एक तरफ आरोपियों से पूछताछ कर रही हैं, तो दूसरी ओर कानूनी प्रक्रिया को भी तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है. इस मामले में अयोध्या पुलिस अब कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करने में जुटी है. जेल में बंद एक आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है. वहीं, मामले के सभी आठ आरोपियों की पुलिस कस्टडी लेने के लिए जरूरी कागजी कार्रवाई तेज कर दी गई है. उधर, इस पूरे मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी (SIT) की टीम भी जल्द अयोध्या पहुंच सकती है.

सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में

राम मंदिर में कथित हेराफेरी के मामले में गिरफ्तार सभी आठ आरोपी फिलहाल 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल में हैं. सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने अदालत से अनुमति मिलने के बाद 26 जून को गिरफ्तार किए गए आरोपी अविनाश शुक्ला से जिला जेल के भीतर ही विस्तार से पूछताछ की. इसका मकसद अब तक जुटाए गए सबूतों की पुष्टि करना और मामले से जुड़े नए सुराग हासिल करना है, ताकि आगे पुलिस रिमांड की मांग को मजबूत किया जा सके.

पूछताछ के दौरान पुलिस ने अविनाश से श्रद्धालुओं के दान की रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर करने, नकदी के लेनदेन और इस कथित साजिश में अन्य आरोपियों की भूमिका को लेकर सवाल किए. यह पूछताछ इसलिए भी अहम मानी जा रही है, क्योंकि एफआईआर दर्ज होने से पहले 5 जून को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अविनाश के पास से 20 लाख रुपये बरामद किए थे. हालांकि, बरामद कुल रकम का आधिकारिक ब्योरा अभी सामने नहीं आया है, लेकिन सूत्रों का दावा है कि सबसे बड़ी रकम अविनाश के पास से ही मिली थी.

पुलिस रिमांड की तैयारी तेज

जांच एजेंसियों का मानना है कि इस मामले की पूरी सच्चाई सामने लाने के लिए आरोपियों से पुलिस हिरासत में पूछताछ जरूरी है. इसी वजह से अधिकारियों ने अदालत में पुलिस रिमांड की अर्जी दाखिल करने से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया तेज कर दी है. पुलिस का कहना है कि हिरासत में पूछताछ से कथित गबन के तरीके, पैसों के लेन-देन की पूरी कड़ी और मामले से जुड़े अन्य अहम तथ्यों का पता लगाने में मदद मिलेगी. साथ ही आरोपियों से दस्तावेजी और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों के आधार पर भी सवाल-जवाब किए जाएंगे.

जांच टीम यह भी पता लगा रही है कि अब तक बरामद की गई रकम ही पूरी हेराफेरी की राशि है या अभी कुछ और पैसा बरामद होना बाकी है. इससे पहले सोमवार को एसआईटी ने सभी आठ आरोपियों के बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन की जांच तेज कर दी थी. अब टीम जल्द अयोध्या पहुंचकर अब तक जुटाए गए सबूतों की समीक्षा करेगी. इसके बाद वित्तीय, फोरेंसिक और डिजिटल जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी, जिससे मामले की जांच और तेज होने की उम्मीद है.

चंपत राय ने मानी शिकायत में देरी

इस मामले में पहले पुलिस को दिए अपने बयान में ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने माना कि शिकायत दर्ज कराने में देरी हुई. उन्होंने बताया कि ट्रस्ट को जून के पहले सप्ताह में ही दान राशि में गड़बड़ी की जानकारी मिल गई थी. इसके बाद ट्रस्ट ने अपने स्तर पर जांच शुरू की और कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी भी बरामद की गई.


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चंपत राय ने कहा कि एसआईटी को शिकायत उन्होंने ही सौंपी थी, जिसके आधार पर केस दर्ज किया गया. उन्होंने स्वीकार किया कि पुलिस के पास शिकायत पहुंचाने में देर हुई, क्योंकि ट्रस्ट पहले अपने स्तर पर पूरे मामले की जांच कर रहा था.

-भारत एक्सप्रेस



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