Ayodhya Ram Mandir Theft Case: अयोध्या के भव्य राम मंदिर में हुए चढ़ावा और चंदा चोरी प्रकरण में एक नया और बेहद हाई-प्रोफाइल कानूनी मोड़ सामने आया है. इस महा-घोटाले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, इसे लेकर देश के विधि जगत और राम भक्तों में आक्रोश चरम पर पहुंच गया है. एक तरफ जहां अयोध्या के स्थानीय वकीलों ने सामूहिक रूप से इस चोरी को सनातन आस्था और अयोध्या की वैश्विक छवि पर गहरा आघात बताते हुए आरोपियों का बहिष्कार कर दिया है. वहीं दूसरी तरफ, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के एक वरिष्ठ वकील ने आरोपियों का केस लड़ने का खुला एलान कर दिया है.
एसआईटी (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने इस मामले में 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है, जिनसे अब तक करीब 80 लाख रुपये की भारी रकम बरामद की जा चुकी है. लेकिन इस कानूनी लड़ाई के बीच अब ‘अयोध्या बनाम मेरठ’ के वकीलों की एक नई जंग छिड़ गई है, जिसने इस पूरे मामले को और ज्यादा गरमा दिया है.
फैजाबाद बार एसोसिएशन का कड़ा फरमान (Faizabad Bar On Ayodhya Ram Mandir Theft Case)
श्रीराम जन्मभूमि पर हुए इस विश्वासघात से आहत फैजाबाद बार एसोसिएशन ने सोमवार को एक आपातकालीन विशेष आम सभा बुलाई, जिसमें सर्वसम्मति से एक ऐतिहासिक और बेहद कड़ा प्रस्ताव पास किया गया. बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्र ने दो टूक शब्दों में एलान किया कि अयोध्या का कोई भी स्थानीय अधिवक्ता न्यायालय में इन आरोपियों की पैरवी बिल्कुल नहीं करेगा. आरोपियों को सख्त सजा दिलाने और अभियोजन पक्ष (प्रोसिक्यूशन) की प्रभावी पैरवी के लिए बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों और 5 अन्य वरिष्ठ वकीलों की एक ‘विशेष लीगल टीम’ गठित की गई है.
- अयोध्या का कोई भी वकील इस फैसले को तोड़कर आरोपियों की पैरवी करता है तो 5 लाख रुपये का तत्काल जुर्माना लगाया जाएगा
- जुर्माना राशि जमा न करने की स्थिति में उस अधिवक्ता की बार एसोसिएशन की प्राथमिक सदस्यता उसी दिन समाप्त कर दी जाएगी
बार एसोसिएशन के सचिव शैलेंद्र जायसवाल ने भावुक होते हुए कहा कि मंदिर के चढ़ावे की चोरी की इस घिनौनी वारदात ने हमारी अटूट आस्था पर सीधी चोट की है और पूरी दुनिया में अयोध्यावासियों की छवि को धूमिल किया है. कई वकीलों ने आक्रोश में आकर इन आरोपियों के खिलाफ भी अन्य गंभीर अपराधियों की तर्ज पर तत्काल ‘बुलडोजर ऐक्शन’ लेने की मांग उठाई है.
मेरठ के वकील की एंट्री एलान (Ramkumar Sharma Will Fight Ayodhya Ram Mandir Theft Case)
अयोध्या के वकीलों के इस कड़े बहिष्कार की खुली मुनादी के बीच मेरठ के वरिष्ठ अधिवक्ता रामकुमार शर्मा ने इस केस में एंट्री मारकर सबको चौंका दिया है. जहां एक तरफ देश का कोई भी वकील इस केस को छूने से कतरा रहा था, वहीं वरिष्ठ एडवोकेट रामकुमार शर्मा ने इन 8 आरोपियों का केस अदालत में मजबूती से लड़ने का आधिकारिक एलान कर दिया है.
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अपनी कूटनीतिक और कानूनी भूमिका स्पष्ट करते हुए एडवोकेट रामकुमार शर्मा ने कहा कि एक अधिवक्ता होने के नाते मेरा धर्म और कर्तव्य न्याय की रक्षा करना है. यदि मुझे इस मामले में मौका मिलता है, तो मैं पूरी तरह से कानून के दायरे में रहकर न्यायालय के समक्ष इन आरोपियों की मजबूती से पैरवी करूंगा. मेरा पूरा प्रयास रहेगा कि कानून के तहत जो सही हो, वही न्याय इन आरोपियों को मिले. मेरठ के इस वरिष्ठ वकील के सामने आने के बाद अब यह तय हो गया है कि राम मंदिर चंदा चोरी का यह मुकदमा कोर्ट रूम में एक बेहद दिलचस्प और हाई-वोल्टेज कानूनी लड़ाई में तब्दील होने वाला है.
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