11 YEAR OLD BOY BECOME MAHANT: नरेन्द्र मिश्र/बलिया: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से एक बेहद अनोखी और आस्था से भरी खबर सामने आई है. यहां रेवती बस स्टैंड के पास स्थित ऐतिहासिक मझौवा मठ और लक्ष्मी नारायण मंदिर की कमान अब एक 11 साल के बच्चे के हाथों में आ गई है. रविवार की शाम एक भव्य धार्मिक अनुष्ठान के बाद शाश्वत शौर्य तिवारी नाम के इस मासूम बच्चे को मंदिर का नया महंत बना दिया गया. गद्दी संभालने के बाद संतों ने परंपरा के अनुसार उनका नया नाम ‘श्याम नारायण रामानुज श्री वैष्णव दास’ रखा है.
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुआ अभिषेक और यज्ञोपवीत
यह गद्दी पिछले साल 25 जून 2025 को पूर्व महंत मक्सूदनाचार्य के निधन के बाद से खाली चल रही थी. रविवार को बटुकों के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूरे विधि-विधान से शाश्वत का पहले यज्ञोपवीत (जनेऊ) संस्कार हुआ. इसके बाद रामभद्राचार्य उर्फ बालक दास महाराज ने उनका हल्दी-तेल लगाकर विशेष अभिषेक कराया और गुरु दीक्षा देकर गद्दी पर बैठाया.
अभिषेक के दौरान एक बड़ा ही प्यारा नजारा भी देखने को मिला, जब स्नान करते समय यह नन्हे महंत अपने परिवार से वीडियो कॉलिंग पर बात करते हुए खिलखिलाकर हंस रहे थे. हालांकि, जैसे ही वह गद्दी पर बैठे, श्रद्धालुओं के सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद देते समय उनकी गंभीरता देखने लायक थी.
उम्र कम है, इसलिए संरक्षक चलाएंगे व्यवस्था
11 साल के नन्हे महंत को देखकर हर कोई हैरान था. जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि इतनी बड़ी जिम्मेदारी आप कैसे संभालेंगे? तो उन्होंने बड़ी ही मासूमियत और परिपक्वता से जवाब दिया, “गुरु जी जैसा कहेंगे और जैसे मार्गदर्शन करेंगे, मैं वैसा ही करूंगा.” उनके गुरु बालक दास महाराज ने साफ किया कि श्याम नारायण अभी बहुत छोटे हैं, इसलिए वे गुरु के सान्निध्य में रहकर अपनी पढ़ाई-लिखाई पूरी करेंगे. जब तक वे बड़े नहीं हो जाते, तब तक मठ की व्यवस्था और संचालन संरक्षकों की एक विशेष कमेटी द्वारा किया जाएगा.
-भारत एक्सप्रेस
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