यूपी के बरेली में तैनात महिला इंस्पेक्टर नरगिस खान के खिलाफ मेरठ के मेडिकल थाने में आय से अधिक संपत्ति के आरोप में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. थाने में FIR होने के बाद एंटी करप्शन की टीम इंस्पेक्टर और उसके नजदीकी रिश्तेदारो संपत्ति का ब्योरा जुटा रही है.
हालांकि बताया यह भी जा रहा है कि नरगिस खान की सपा सरकार में मजबूत पकड़ थी यही कारण है कि उस दौरान उसकी पोस्टिंग हापुड़ और मेरठ के महिला थाने में इंचार्ज रही. साल 2021 में इंस्पेक्टर नरगिस खान और उसके पति सुरेश कुमार को लखनऊ से गिरफ्तार किया गया था. दोनों के खिलाफ डिप्टी लेबर कमिश्नर से करोड़ों रुपए के गबन का मुकदमा दर्ज किया गया था.
मेरठ के शास्त्रीनगर निवासी नरगिस खान वर्तमान में CID की बरेली यूनिट में तैनात हैं. जांच में कई ऐसे वित्तीय लेन-देन और संपत्तियों का खुलासा हुआ है, जो उनके घोषित स्रोतों से मेल नहीं खाते. मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित दस्तावेज, बैंक खातों और चल-अचल संपत्तियों की विस्तृत जांच की जा रही है. केस अब एंटी करप्शन यूनिट या सतर्कता विभाग को सौंपे जाने की संभावना है.
पुलिस के जानकारों का कहना है कि यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो आगे की कार्रवाई में, निलंबन और विभागीय जांच भी शामिल हो सकती है. नरगिस खान मेरठ में एक बच्ची के बरामद होने के बाद उसको गलत तरह से सुपुर्द किए जाने के मामले में सस्पेंड भी किया गया था.
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-भारत एक्सप्रेस
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