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साजिश के तहत हुई बरेली में हिंसा? यूपी पुलिस ने दर्ज की 10 FIR, मुख्य आरोपी मौलाना तौकीर रजा भेजे गए जेल

Bareilly violence Tauqeer Raza Arrest: SSP अनुराग आर्य ने बताया कि बरेली हिंसा मामले में यूपी पुलिस ने कुल 10 एफआईआर दर्ज किये हैं. मौलाना तौकीर रजा के खिलाफ कुल 7 मामले दर्ज हुए हैं. वहीं बरेली में हुई हिंसा में कुल 22 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं.

Bareilly violence Tauqeer Raza Arrest

Bareilly violence Tauqeer Raza Arrest: कल 26 सितंबर दिन शुक्रवार को यूपी के बरेली में हुई हिंसा मामले में यूपी पुलिस ने इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (IMC) के प्रमुख मौलाना तौरीर रजा को गिरफ्तार कर लिया है. शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद बरेली की अल हजरत दरगाह के आसपास भारी संख्या में भीड़ सड़क पर उतर गई. इस दौरान उनके हाथों में ‘आई लव मोहम्मद’ के पोस्टर भी थे. देखते ही देखते यह भीड़ हिंसक हो गई. जिसके बाद यूपी पुलिस ने जमकर लाठीचार्ज किया. इस मामले में कुल 10 FIR दर्ज हुए हैं.

पुलिस ने मौलाना तौकीर रजा को गिरफ्तार कर लिया है. उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है. मौलाना तौकीर रजा को मिलाकर यूपी पुलिस ने कुल 8 लोगों को जेल भेज दिया है.

10 FIR हुए दर्ज

इस संबंध में SSP अनुराग आर्य ने बताया कि बरेली हिंसा मामले में यूपी पुलिस ने कुल 10 एफआईआर दर्ज किये हैं. जिसमें से कोतवाली थाने में 5, प्रेमनगर में 1, बरादली में 2 और कैंट क्षेत्र में 1 एफआईआर दर्ज हुए हैं. इस मामले में कुल 39 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है और 8 लोगों को गिरफ्तार किया है.

SSP अनुराग आर्य के अनुसार मौलाना तौकीर रजा के खिलाफ कुल 7 मामले दर्ज हुए हैं. वहीं बरेली में हुई हिंसा में कुल 22 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं.

आखिर क्या हुआ बरेली में?

इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (IMC) के प्रमुख मौलाना तौरीर रजा ने ‘आई लव मोहम्मद’ अभियान के समर्थन में प्रदर्शन का ऐलान किया था, लेकिन प्रशासन ने इसकी मंजूरी नहीं दी. शुक्रवार को जब लोगों को प्रदर्शन रद्द होने की खबर मिली तो वो नाराज होकर मस्जिद के पास इकट्ठा होने लगी. इस दौरान भीड़ ‘आई लव मोहम्मद’ और यूपी पुलिस के खिलाफ नारे लगाते हुए आगे बढ़ने लगी.

जिलाधिकारी अविनाश सिंह के मुताबिक मामला बिगड़ते देख यूपी पुलिस ने मौके पर सख्त कार्रवाई करते हुए पूरी स्थिति पर नियंत्रण प्राप्त किया. उन्होंने जनता से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान ना दें. उत्तर प्रदेश सरकार ने भी बयान जारी कर कहा है कि यह हिंसा एक साजिश के तहत की गई है. इसका उपयोग उत्तर प्रदेश का माहौल खराब करना है और प्रदेश में आ रहे निवेश को प्रभावित करना है.

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वीडियो और तस्वीरों से दंगाइयों की होगी पहचान

मीडिया ने पुलिस अधिकारियों के हवाले से बताया है कि यूपी पुलिस के अधिकारी नमाज से पहले ही धार्मिक नेताओं के संपर्क में थे. अधिकांश क्षेत्रों में नमाज शांतिपूर्ण रही, लेकिन कुछ शरारती तत्वों ने दुकानों, वाहनों को नुकसान पहुंचाया और पत्थर भी फेंके. जिसके बाद यूपी पुलिस को सख्त कार्रवाई करनी पड़ी. DIG अजय साहनी ने कहा है कि इस घटना में शामिल आरोपियों की पहचान वीडियो के माध्यम से की जाएगी. इसके बाद आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी.

– भारत एक्सप्रेस



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