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वाराणसी नगर निगम के लिपिक व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी कर रहे थे वसूली, नगर आयुक्त ने किया निलंबित

इस मामले में विभागीय जांच भी बैठा दी गई है. निलंबित कर्मचारियों की पहचान कर विभाग में कार्यरत लिपिक बृजेश कुमार गौतम और राजस्व विभाग में परिचारक विनोद सिंह के रूप में हुई है.

Nagar Nigam Varanasi

नगर निगम, वाराणसी.

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हर मीटिंग में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए अफसरों को जीरो टॉलरेंस की नीति की याद दिलाते हैं, इसके बावजूद न तो अवैध वसूली की शिकायत रुक रही है और न ही सरकारी विभागों के कुछ अफसरों और कर्मचारियों की आदत में बदलाव आ रहा है.

हालांकि शिकायत के बाद जांच में अवैध वसूली उजागर होने पर इक्का-दुक्का मामले में कार्रवाई कर भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस का ढिंढोरा जरूर पीटा जाता है. वाराणसी में नगर निगम के लिपिक द्वारा लोगों से रिश्वत मांगने और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी द्वारा वाहन स्टैंड से अवैध वसूली पर नगर आयुक्त ने दोनों को निलंबित कर दिया है. इस मामले में विभागीय जांच भी बैठा दी गई है.

लिपिक ने दी थी हाउस टैक्स बढ़ाने की धमकी

कार्रवाई के बारे में वाराणसी के नगर आयुक्त अक्षत वर्मा ने बताया कि कर विभाग में कार्यरत लिपिक बृजेश कुमार गौतम पर नीची ब्रह्मपुरी निवासी भवन स्वामी से एक लाख रुपये मांगने का आरोप है. भवन स्वामी ने इसकी शिकायत महापौर अशोक तिवारी से की थी. महापौर ने नगर आयुक्त को जांच का निर्देश दिया था. आरोप है कि लिपिक ने भवन स्वामी से पैसा न देने पर वर्ष 2014 से गृहकर जोड़ने की धमकी दी थी.


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पॉस मशीन होने के बावजूद पर्ची से वसूल रहा था पार्किंग

वहीं राजस्व विभाग में परिचारक विनोद सिंह को कचहरी में जालान पार्किंग स्टैंड पर अवैध वसूली के आरोप में निलंबित किया गया है. राजस्व विभाग की टीम मौके पर गई तो वहां तीन व्यक्तियों से पर्ची से पार्किंग शुल्क वसूलने की शिकायत सही मिली. पूछताछ में उन तीनों ने कहा कि विनोद सिंह ने उनको पर्ची दी है, जबकि निगम प्रशासन ने परिचारक को एक पॉस मशीन से वसूली का निर्देश दिया था.

बता दें कि नगर निगम के कर्मचारियों के खिलाफ वसूली की शिकायत मिलती रहती है. कुछ शिकायतों को फर्जी बताकर निस्तारित कर दिया जाता है तो कुछ में जांच के खेल के बाद क्लीनचिट दे दी जाती है, लेकिन इस मामले में नगर आयुक्त ने कार्रवाई कर कर्मचारियों में हड़कंप मचा दिया है.

-भारत एक्सप्रेस



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