Bharat Express DD Free Dish

गाजियाबाद एनकाउंटर पर दिनेश शर्मा का अबू आजमी को करारा जवाब, पूछा- अपराधी गोली चलाए तो क्या पुलिस उसका धर्म पूछेगी?

Dinesh Sharma On Ghaziabad Encounter: दिनेश शर्मा ने कहा कि मैं आजमी से पूछना चाहूंगा कि अगर कोई आपके सामने आकर गोली चलाना शुरू कर दे, तो क्या आप कार्रवाई करने से पहले यह पूछेंगे कि वह हिंदू है या मुस्लिम? क्या पुलिस उसके बाद ही गोली चलाएगी? पुलिस को हथियार क्यों दिए गए हैं? उन्हें अपनी सुरक्षा और समाज की रक्षा के लिए हथियार दिए गए हैं.

Dinesh Sharma ram mandir

Dinesh Sharma ram mandir

Dinesh Sharma On Ghaziabad Encounter: एनडीए के नेताओं ने मंगलवार को महाराष्ट्र समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख और विधायक अबू आजमी की गाजियाबाद पुलिस पर की गई टिप्पणियों की कड़ी आलोचना की.

उन्होंने जोर देकर कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस बिना किसी भेदभाव के काम करती है और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई से राज्य में एक सुरक्षित माहौल बनाने में मदद मिली है.

यह राजनीतिक बयानबाजी तब शुरू हुई जब अबू आजमी ने उस एनकाउंटर पर सवाल उठाया, जिसमें गाजियाबाद हत्याकांड का मुख्य आरोपी मारा गया था. उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी कार्रवाइयां धार्मिक विचारों से प्रभावित होती हैं और पुलिस की इस कार्रवाई को बेहद गलत बताया.

आजमी ने कहा,

आमतौर पर, एनकाउंटर के दौरान गोलीबारी नहीं होती, सिवाय कुछ दुर्लभ मामलों के. लेकिन यह एक चलन बन गया है. अपराधियों को सजा मिलनी चाहिए. कोई गंभीर अपराधी है, तो उसे मौत की सजा दी जाए, लेकिन, इसके लिए एक संविधान है. अपराधी को गिरफ्तार करो, अदालत में उसका जुर्म साबित करो, और फिर सजा दी जाती है. हालांकि, उत्तर प्रदेश में यह सब धर्म के आधार पर किया जा रहा है.

उन्होंने आगे कहा कि अगर कोई किसी मुस्लिम या यादव को मारता है, तो एनकाउंटर नहीं होते. लेकिन, अगर किसी हिंदू को कोई मुस्लिम या यादव मारता है, तो उन्हें जल्द से जल्द एनकाउंटर में मार गिराया जाता है. अपराधी तो अपराधी होता है. चाहे वह मुस्लिम हो, हिंदू हो, या ईसाई. हर अपराधी को सजा मिलनी चाहिए.

दिनेश शर्मा ने दिया करारा जवाब

इन आरोपों का जवाब देते हुए, भाजपा के राज्यसभा सदस्य दिनेश शर्मा ने उत्तर प्रदेश पुलिस के काम का बचाव किया और आजमी की आलोचना के आधार पर ही सवाल उठाया.

दिनेश शर्मा ने कहा कि मैं आजमी से पूछना चाहूंगा कि अगर कोई आपके सामने आकर गोली चलाना शुरू कर दे, तो क्या आप कार्रवाई करने से पहले यह पूछेंगे कि वह हिंदू है या मुस्लिम? क्या पुलिस उसके बाद ही गोली चलाएगी? पुलिस को हथियार क्यों दिए गए हैं? उन्हें अपनी सुरक्षा और समाज की रक्षा के लिए हथियार दिए गए हैं. अगर कोई अपराधी लगातार पुलिस पर गोली चला रहा है, तो पुलिस के पास क्या विकल्प बचता है?

पूर्व यूपी डिप्टी ने सपा नेता से पूछे सवाल

उन्होंने कहा कि राज्य में कानून लागू करने वाली एजेंसियां ​​बिना किसी भेदभाव के काम करती हैं और उनकी कार्रवाइयों से जनता का भरोसा बढ़ाने में मदद मिली है. मेरा मानना ​​है कि उत्तर प्रदेश पुलिस निष्पक्ष होकर काम करती है, और अपराधियों में उसका खौफ है. साथ ही, मुझे लगता है कि पूरे उत्तर प्रदेश में आम नागरिकों के लिए एक सकारात्मक माहौल बना है.

जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने भी समाजवदी पार्टी (सपा) नेता की टिप्पणियों की आलोचना की और कहा कि अपराधियों के खिलाफ की गई कार्रवाई पर सवाल उठाने के बजाय, प्रभावी कानून व्यवस्था का समर्थन करने पर ध्यान देना चाहिए.

ये भी पढ़ें- सीबीएसई में आया भूचाल! चेयरमैन और सचिव की हुई छुट्टी, डिजिटल चेकिंग मामले की जांच शुरू

तेजस्वी और अबू आजमी जैसे नेता अपराधियों के हमदर्द

राजीव रंजन प्रसाद ने कहा,

तेजस्वी यादव और अबू आजमी जैसे नेता हमेशा अपराधियों के प्रति इतने हमदर्द क्यों नजर आते हैं? यह चिंता का विषय है. अबू आजमी को ऐसे बयान देने से पहले, उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ की गई कार्रवाई का अध्ययन करना चाहिए.

उन्होंने कहा कि अपराध को जाति और धर्म के चश्मे से देखने के बजाय, विपक्ष को उस प्रभावी कानून-व्यवस्था का समर्थन करना चाहिए, जिसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में स्थापित किया गया है.

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read