Bharat Express DD Free Dish
Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital
Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital

जनता भटक रही दर-दर नेताजी ले रहे मौज! यूपी के हापुड़ में सपा नेता के घर से मिले 55 भरे सिलेंडर, कर रहे थे कालाबाजारी

हापुड़ में पुलिस ने सपा नेता अब्दुल रेहान के घर छापा मारकर 55 भरे गैस सिलेंडर बरामद किए. आरोप है कि गैस संकट के बीच सिलेंडरों की कालाबाजारी की जा रही थी, आरोपी मौके से फरार है…

Hapur gas cylinder black marketing case: उत्तर प्रदेश के कई जिलों में इन दिनों रसोई गैस को लेकर मचे हाहाकार के बीच हापुड़ पुलिस ने एक बड़ी मछली पर जाल डाला है. पुलिस ने समाजवादी पार्टी के स्थानीय नेता अब्दुल रेहान के घर पर छापेमारी कर भारी मात्रा में गैस सिलेंडरों का जखीरा बरामद किया है. जहां एक तरफ आम जनता एक-एक सिलेंडर के लिए दर-दर भटक रही है, वहीं नेताजी के घर से 55 भरे हुए सिलेंडर बरामद होना व्यवस्था के मुंह पर करारा तमाचा है. छापे की भनक लगते ही सपा नेता मौके से फरार हो गया, लेकिन पुलिस ने अब उसकी गिरफ्तारी के लिए घेराबंदी तेज कर दी है.

नेताजी के काले कारनामे का कैसे हुआ खुलासा?

यह पूरा मामला हापुड़ के असौड़ा गांव का है. जिला प्रशासन और पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि पंचायती घर के पास रहने वाले अब्दुल रेहान ने अपने घर में अवैध रूप से गैस सिलेंडरों का भंडारण कर रखा है. सूचना मिलते ही जिला पूर्ति विभाग की टीम पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंची. जैसे ही टीम ने नेताजी के घर पर धावा बोला, वहां हड़कंप मच गया.

अब्दुल रेहान को शायद पहले ही भनक लग गई थी, इसलिए वह टीम के पहुंचने से पहले ही रफूचक्कर हो गया. तलाशी के दौरान पुलिस के होश उड़ गए जब घर के अंदर से एक-दो नहीं, बल्कि 55 भरे हुए सिलेंडर और कई खाली सिलेंडर मिले. स्थानीय लोगों ने दबी जुबान में बताया कि नेताजी इस संकट का फायदा उठाकर एक सिलेंडर को 2000 रुपये तक की ऊँची कीमत पर ब्लैक में बेच रहे थे.

“कालाबाजारियों को बख्शा नहीं जाएगा”: सीएम योगी

हापुड़ की इस कार्रवाई के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरे प्रदेश के प्रशासन को ‘हाई अलर्ट’ पर रहने के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि युद्ध की आहट या सप्लाई में देरी की अफवाह फैलाकर जो भी जमाखोरी या कालाबाजारी करेगा, उस पर ऐसी कार्रवाई होगी जो मिसाल बनेगी.

यूपी के मुख्य सचिव ने इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों (DM) को कड़े आदेश भेज दिए हैं. शासन का कहना है कि गैस एजेंसियों पर सुरक्षा बढ़ाई जाए ताकि वितरण में कोई गड़बड़ी न हो और पात्र ग्राहकों को उनका हक मिल सके.

सोशल मीडिया पर भी ‘डिजिटल’ पहरा

सरकार ने केवल जमीनी कार्रवाई ही नहीं, बल्कि अफवाहों पर लगाम लगाने के लिए ‘डिजिटल पहरा’ भी बैठा दिया है. मुख्य सचिव की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, यूट्यूब चैनल्स और व्हाट्सएप ग्रुप्स पर नजर रखी जाए. अगर कोई गैस की कमी को लेकर फर्जी वीडियो या मैसेज फैलाकर डर पैदा करने की कोशिश करेगा, तो पुलिस उसके खिलाफ सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज करेगी.

राजस्व और खाद्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पुलिस के साथ मिलकर लगातार फील्ड में गश्त करें और यह सुनिश्चित करें कि गैस सिलेंडर ले जाने वाले वाहनों को रास्ते में कोई दिक्कत न आए.

यह भी पढ़ें: डीजल, पेट्रोल से लेकर LPG सिलेंडर तक, जानें पेट्रोलियम मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या आया सामने?

जनता के लिए क्या है सबक?

हापुड़ का यह मामला बताता है कि संकट के समय में कुछ ‘सफेदपोश’ लोग किस तरह आपदा को अवसर में बदलने की कोशिश करते हैं. प्रशासन ने अपील की है कि अगर आपके आसपास भी कोई अवैध रूप से गैस का भंडारण कर रहा है या ऊंचे दाम मांग रहा है, तो तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दें.

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital