UP News: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने एक बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला लिया है. राज्य सरकार ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा शुरू की गई राहवीर योजना को पूरे प्रदेश में लागू कर दिया है. यह योजना सड़क दुर्घटनाओं में घायल हुए व्यक्तियों को तुरंत और प्रभावी चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए बनाई गई है.
राहवीर योजना क्या है?
इस योजना के तहत यदि कोई व्यक्ति सड़क दुर्घटना में घायल हुए किसी व्यक्ति को ‘गोल्डन ऑवर’ यानी दुर्घटना के बाद पहली 1 घंटे के भीतर अस्पताल या ट्रॉमा सेंटर पहुंचाता है, तो उसे सरकार की ओर से 25,000 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी. इसका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को ऐसे घायलों की सहायता करने के लिए प्रोत्साहित करना है.
पुलिस के डर से लोग नहीं करते थे घायलों की मदद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई यह योजना लोगों में सहानुभूति और मानवता की भावना को जागृत करने के लिए एक प्रभावी कदम है. अक्सर देखा गया है कि सड़क दुर्घटना के बाद लोग घायल व्यक्तियों की मदद करने में हिचकिचाते हैं, या फिर पुलिस केस के कारण लोग ऐसे मामलों में मदद करने से बचते थे जिससे उनका समय पर इलाज संभव नहीं हो पाता. लेकिन राहवीर योजना इस मानसिकता में बदलाव लाकर नागरिकों को मदद के लिए आगे आने के लिए प्रेरित करती है.
पूरे प्रदेश में व्यापक प्रभाव, लखनऊ भी योजना में शामिल
यह योजना अब उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में लागू हो चुकी है, जिसमें राजधानी लखनऊ भी शामिल है. राज्य सरकार का मानना है कि इससे सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों की संख्या में कमी आएगी और घायल लोगों को तुरंत चिकित्सा सुविधा प्राप्त होगी. साथ ही, यह योजना समाज में आपसी सहयोग और सहायता की भावना को भी मजबूत करेगी. उत्तर प्रदेश में राहवीर योजना के लागू होने से न केवल घायल व्यक्तियों को समय पर मदद मिलेगी, बल्कि यह पहल सामाजिक स्तर पर मानवता और जिम्मेदारी की भावना को भी प्रोत्साहित करेगी.
-भारत एक्सप्रेस
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