Bharat Express DD Free Dish

लखनऊ में खौफनाक वारदात! बेटी का गला दबाकर मरा समझा, फिर पिता ने गोमती में लगा दी छलांग

लखनऊ के रहीमनगर में बैंक मैनेजर सत्येंद्र सिंह ने घरेलू कलह के बाद बेटी का गला दबाया और फिर गोमती में कूदकर जान दे दी. जानें डिप्रेशन और पारिवारिक विवाद की पूरी कहानी.

Lucknow News, Uttar Pradesh, Uttar Pradesh News

Uttar Pradesh News: राजधानी लखनऊ के रहीमनगर इलाके से एक ऐसी दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जिसने रिश्तों की संवेदनशीलता और मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. यहां एक बैंक मैनेजर ने घरेलू झगड़ों और डिप्रेशन के चलते पहले अपनी मासूम बेटी को जान से मारने की कोशिश की और फिर खुद गोमती नदी में कूदकर जान दे दी. शनिवार सुबह गोमती नदी के 1090 चौराहे के पास उनका शव बरामद हुआ, जिसके बाद परिवार में कोहराम मच गया है.

विवाद और डिप्रेशन बना वजह

हरदोई के रहने वाले सत्येंद्र सिंह विभूतिखंड के एक निजी बैंक में पीआर मैनेजर के पद पर तैनात थे. वो लखनऊ में अपनी पत्नी ज्योति और बेटी समृद्धि के साथ किराये के मकान में रहते थे. बताया जा रहा है कि पिछले कुछ समय से पति-पत्नी के बीच अनबन चल रही थी. झगड़ा इस कदर बढ़ा कि गुरुवार को दोनों महानगर थाने पहुंच गए और एक-दूसरे के खिलाफ तहरीर दे दी. हालांकि, परिजनों के दखल के बाद समझौता तो हो गया, लेकिन सत्येंद्र के मन में चल रही उथल-पुथल शांत नहीं हुई.

शुक्रवार की रात सब कुछ सामान्य लग रहा था. खाना खाकर ज्योति दूसरे कमरे में सोने चली गईं, जबकि सत्येंद्र अपनी बेटी समृद्धि के साथ अलग कमरे में थे. रात करीब तीन बजे जब ज्योति की नींद समृद्धि के कराहने की आवाज से खुली, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई. कमरा अस्त-व्यस्त था और समृद्धि बदहवास हालत में पड़ी थी.

ये भी पढ़ें- इटावा में एटीएम से चोरी करने वाले दो युवक गिरफ्तार, यूट्यूब से सीखी थी तरकीब

“तुम्हें मारकर मैं भी मर जाऊंगा…”

मासूम समृद्धि ने जो आपबीती सुनाई, वो रूह कंपा देने वाली है. उसने बताया कि जब वह सो रही थी, तभी उसके पिता ने उसके मुंह पर तकिया रख दिया और गला दबाने लगे. गला दबाते वक्त सत्येंद्र बार-बार एक ही बात दोहरा रहे थे- “तुम्हें मारकर मैं भी मर जाऊंगा.” समृद्धि को मरा हुआ समझकर सत्येंद्र वहां से भाग निकले. बदहवास ज्योति ने तुरंत बेटी को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया, जहां अब उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है.

गोमती किनारे मिली बाइक और शव

बेटी को ‘मारकर’ निकले सत्येंद्र सीधे 1090 चौराहे पहुंचे. वहां उन्होंने अपनी बाइक खड़ी की और नदी में छलांग लगा दी. रात में गश्त कर रही गौतमपल्ली पुलिस को जब लावारिस बाइक मिली, तो उसमें रखे कागजों के आधार पर ज्योति से संपर्क किया गया. शनिवार सुबह जब गोमती से एक शव निकाला गया, तो उसकी पहचान सत्येंद्र के रूप में हुई.

फिलहाल, पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गहराई से जांच कर रही है. रिश्तों की इस कड़वाहट ने एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया और एक मासूम के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए छीन लिया.

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read