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मेरठ में अवैध झुग्गियों पर बड़ा सत्यापन अभियान! असम-बंगाल से आए लोगों की मौजूदगी, मस्जिद-मदरसे को लेकर जांच तेज

Meerut illegal jhuggi verification drive: मेरठ के लोहियानगर क्षेत्र में खुफिया इनपुट के आधार पर पुलिस ने अवैध झुग्गियों में सत्यापन अभियान चलाया, जिसमें बाहरी राज्यों से आए लोगों की मौजूदगी सामने आई. झुग्गियों के बीच मस्जिद और मदरसे के संचालन की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन ने दस्तावेजों और जमीन के रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी है.

Meerut illegal jhuggi verification drive

Meerut illegal jhuggi verification drive

Edited by Swati Pandey

Meerut illegal jhuggi verification drive: हरीश शर्मा/ मेरठ:  मेरठ में खुफिया एजेंसी और लोकल इंटेलिजेंस यूनिट से मिले इनपुट के आधार पर पुलिस ने अवैध झुग्गी-झोपड़ियों में बड़ा सत्यापन अभियान चलाया है. यह कार्रवाई लोहियानगर थाना क्षेत्र के घोसीपुरा इलाके में की गई, जहां खेतों पर बनी अस्थायी बस्तियों की जांच के दौरान कई अहम और संवेदनशील जानकारियां सामने आईं. इसके बाद इलाके में प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है.

अवैध झुग्गियां बनाकर रह रहे थे लोग

पुलिस जांच में सामने आया कि खेतों पर अवैध रूप से झुग्गियां बसाकर बड़ी संख्या में लोग रह रहे थे, जिनमें असम और पश्चिम बंगाल से आए परिवार शामिल हैं. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यहां रहने वाले कई लोग कबाड़ बीनने का काम करते हैं और स्थानीय खेत मालिक ही उनसे कबाड़ खरीदने का कार्य करते हैं. पुलिस का कहना है कि यह पूरा ढांचा बिना किसी वैध अनुमति के विकसित किया गया था.

झुग्गियों के बीच मिली मस्जिद और मदरसा

एसपी सिटी विनायक गोपाल भोंसले के अनुसार, पहले इस इलाके में करीब 200 परिवार रह रहे थे, जिनमें से फिलहाल लगभग 70 परिवार मौके पर मौजूद मिले हैं, जबकि बाकी परिवार अपने गृह राज्यों में गए हुए बताए जा रहे हैं. पुलिस अब इन सभी लोगों के दस्तावेजों, आधार कार्ड और पहचान पत्रों की गहन जांच कर रही है. जांच के दौरान यह भी सामने आया कि झुग्गियों के बीच एक मस्जिद और एक मदरसा संचालित किया जा रहा था. बताया गया कि मदरसे में बच्चों की पढ़ाई होती है और मस्जिद में लाउडस्पीकर के माध्यम से अजान दी जाती है.

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पुलिस लोगों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी कर रही जांच

पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि यहां रह रहे लोगों का कोई आपराधिक रिकॉर्ड तो नहीं है या वे किसी गैरकानूनी गतिविधि में शामिल तो नहीं हैं. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि यह बस्ती किसकी जमीन पर और किन परिस्थितियों में विकसित हुई.एसपी सिटी विनायक भोंसले ने बताया कि जांच अभी जारी है और सभी दस्तावेजों का सत्यापन कराया जा रहा है. उन्होंने कहा कि यदि जांच में अवैध कब्जा या किसी भी प्रकार के कानून उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित खेत मालिकों और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम पूरे मामले की तह तक जाने के लिए लगातार जांच में जुटी हुई है.

भारत एक्सप्रेस



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