Delhi High Court
Delhi Riot case: 2020 के दिल्ली दंगा मामले में आरोपी तस्लीम अहमद की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस पीबी वराले की बेंच ने मामले में सुनवाई करते हुए पुलिस से विस्तृत प्रतिक्रिया मांगी है. इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट और कड़कड़डूमा कोर्ट उनकी जमानत याचिका खारिज कर चुके हैं.
सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस
सुप्रीम कोर्ट की दो न्यायाधीशीय पीठ ने तस्लीम अहमद की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है. कोर्ट ने मामले में पुलिस से जवाब दाखिल करने को कहा है. यह याचिका दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा जमानत से इनकार किए जाने के बाद दायर की गई थी.
हाई कोर्ट ने उठाए थे ट्रायल में देरी पर सवाल
पिछली सुनवाई के दौरान दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से पूछा था कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों को पांच साल हो चुके हैं, ऐसे में किसी आरोपी को कितने समय तक जेल में रखा जा सकता है? अदालत ने यह टिप्पणी मुकदमे में देरी के आधार पर दी गई दलीलों के संदर्भ में की थी.
वहीं, याचिकाकर्ता के वकील ने कोर्ट को बताया कि तस्लीम अहमद 24 जून 2020 से जेल में बंद हैं और ट्रायल जल्द समाप्त होने की संभावना नहीं है. मामले में लगभग 700 गवाह हैं, जिससे सुनवाई में लंबा समय लग सकता है. उन्होंने यह भी बताया कि 2021 में सह-आरोपी देवांगना कलिता, आसिफ इकबाल तन्हा और नताशा नरवाल को ट्रायल में देरी के आधार पर जमानत मिल चुकी है.
समानता के आधार पर जमानत की मांग
तस्लीम अहमद ने पहले कड़कड़डूमा कोर्ट में नियमित जमानत याचिका दाखिल कर आरोपियों के साथ समानता (Parity) के आधार पर राहत मांगी थी. हालांकि, 22 फरवरी 2024 को कोर्ट ने उनकी सभी दलीलों को खारिज करते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया था. दरअसल तस्लीम अहमद पर 2020 की दिल्ली हिंसा की कथित बड़ी साजिश में शामिल होने का आरोप है. इस मामले में अब्दुल खालिद सैफी, शरजील इमाम, उमर खालिद, ताहिर हुसैन सहित कई अन्य आरोपी भी शामिल हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
Edited By: Shubhra Rai (Intern)
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