UP CID
भातखंडे संगीत संस्थान अभिमत विश्वविद्यालय में हुए करोड़ों रूपये के घोटाले में शामिल UP CID ने 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. घोटाले में अभी भी 19 आरोपियों में से 12 आरोपी फरार चल रहे हैं. गिरफ्तार आरोपियों के नाम 1-ज्ञानेंद्र बाजपेई, 2-मनोज कुमार मिश्रा, 3-मोहमद शोएब, 4-कुंदन सिंह, 5-सुरेश सिंह, 6-विनोद कुमार मिश्रा, 7-जुगल किशोर वर्मा हैं.
गिरफ्तार आरोपियों खिलाफ वर्ष 2021 में दर्ज मुकदमे तहत 409, 420, 120B में गिरफ्तार किया गया है. यह गिरफ्तारी यूपी सीआईडी लखनऊ खंड के इंस्पेक्टर शिव कुमार शर्मा, मुख्य आरक्षी मोहम्मद नफीस और मुजीबुर्रहमान ने लखनऊ से की है.
UP CID ने पकड़ा भातखंडे संगीत संस्थान अभिमत विश्वविद्यालय में करोड़ों का घोटाला
यूपी सीआईडी ने एक संवेदनशील और महत्वपूर्ण मामले में जांच में पाया कि भातखण्डे संगीत संस्थान अभिमत विश्वविद्यालय लखनऊ की पूर्व कुलपति प्रो० श्रुति संडोलीकर काटकर व तत्कालीन आहरण वितरण अधिकारी सहित दोषी कर्मियों द्वारा आपस में मिलकर निमयों की अवहेलना करते हुए एक बड़ा घोटाला किया था.
कैसे किया गया घोटाला और कौन कौन था शामिल
भातखंडे संगीत संस्थान अभिमत विश्वविद्यालय के कर्मियों ने इस घोटाले में इन कंपनियों के साथ मिलकर 1-स्वामिनी मेसर्स अंजली ट्रेडर्स, 2-स्वामी मेसर्स पुण्य इण्टरप्राइजेज, 3-स्वामी मेसर्स ऊषा एसोसिएट, 4- भागीदार इण्डियन फायर सर्विस इण्टरप्राइजेज, 5- भागीदार इण्डियन फायर सर्विस इण्टरप्राइजेज, 6-स्वामी सांई कृपा ट्रेडिंग कार्पोरेशन, 7-स्वामी एक्यूरेट इंजीनियरिंग 8-स्वामी एपेक्स कूलिंग सर्विश, 9 स्वामी शर्मा रेफ्रिजरेशन, 10-स्वामी विशाल बिल्डर, 11-स्वामी एच०ए० ट्रेडर्स वर्मा, इलेक्ट्रिकल्स, 12-बी०आर०इण्टरप्राइजेज कम्पनी, कुल तीन करोड़ इकत्तीस लाख, तेरह हजार, छः सौ सात रुपए का घोटाला किया था.
UP CID ने जांच में किया था अहम साक्ष्यों का संकलन
यूपी सीआईडी ने इन सभी के मौखिक व अभिलेखीय साक्ष्य संकलित किये गये और भातखण्डे संगीत संस्थान अभिमत विश्वविद्यालय लखनऊ की पूर्व कुलपति प्रो० श्रुति संडोलीकर काटकर समेत सभी कर्मियों और आरोपी कम्पनियों के स्वामियों के विरूद्ध नियमानुसार धारा-409, 420,120 बी भा०दं०वि० के अन्तर्गत न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था.
महामहिम राज्यपाल के निर्देश पर जांच के बाद हुई थी FIR दर्ज
इस मामले में प्रदेश के महामहिम राज्यपाल को भातखंडे संगीत संस्थान अभिमत विश्वविद्यालय में भ्रष्टाचार की काफी शिकायतें मिलीं थीं जिसकी उन्होंने अपने स्तर से जांच कराई और इन्हें सही पाए जाने पर डॉक्टर लवकुश द्विवेदी ने 5 जनवरी 2021 को लखनऊ के थाना कैसरबाग में मुकदमा अपराध संख्या 45/2021धारा 409, 420, 120B आई.पी.सी. पंजीकृत कराया.18 जनवरी 2024 को यह मुकदमा यू पी सी आई डी को स्थानांतरित हो गया. उत्तर प्रदेश सीआईडी के महानिदेशक दिपेश जुनेजा ने इसको गंभीरता से लेते हुए इसकी विस्तृत जांच कराई और करोड़ों रुपए की अनियमितताओं को उजागर करते हुए दोषियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कराया और इस मामले की उत्तर प्रदेश गृह विभाग को रिपोर्ट प्रेषित की.
सीएम योगी सरकार द्वारा प्रदेश को अपराध मुक्त कराने में यूपी CID निभा रही है अहम भूमिका
अपराध अनुसंधान विभाग प्रदेश को अपराध मुक्त बनाने में अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने में लगी हुई है. यूपी CID लगातार घोटाले, भ्रष्टाचार, गबन जैसे संवेदनशील मामलों को उजागर करने में लगी हुई है. पहले यूपी CID में काफी लंबे समय में जांच पूरी होती थी लेकिन मुख्यमंत्री जी की मंशा के अनुरूप पीड़ित को शीघ्र न्याय देने के मकसद से यूपी CID ने अपनी कार्य प्रणाली में काफी बदलाव किया है. अब अपराधी जेल जा रहे हैं और पीड़ित को शीघ्र न्याय मिल रहा है.
भारत एक्सप्रेस
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