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संभल आईं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, अपने संबोधन में श्री कल्कि धाम निर्माण-कार्य पर क्या कहा, जानिए

Anandiben Patel In Kalki Dham Sambhal: संभल में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने श्री कल्कि धाम के निर्माण कार्य में अपने विचार साझा किए, आचार्य प्रमोद कृष्णम के संघर्ष की सराहना की और धार्मिक स्थल की अहमियत पर प्रकाश डाला.

Anandiben Patel In Sambhal: उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल गुरुवार 19 फरवरी 2025 को संभल जिले के एचौड़ा कंबोह में आयोजित भू-उत्खनन कार्यक्रम में शामिल हुईं. इस अवसर पर उन्होंने आचार्य प्रमोद कृष्णम से मुलाकात की और भगवान की पूजा अर्चना की. कार्यक्रम में राज्यपाल ने श्री कल्कि धाम के निर्माण कार्य को लेकर अपने विचार साझा किए.

राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा, “आज इस धार्मिक स्थल के स्थापना दिवस के अवसर पर मैं समस्त धार्मिक जगत को बड़ी श्रद्धा और पवित्र भाव से शुभकामनाएं देती हूं.” उन्होंने एक साल पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा श्री कल्कि धाम की आधारशिला रखे जाने का उल्लेख किया और इसे एक ऐतिहासिक घटना बताया.

उन्होंने यह भी कहा कि एक साल पहले उन्हें इस कार्यक्रम में भाग लेने का अवसर नहीं मिला था, क्योंकि उस समय उनकी विश्वविद्यालय के कन्वोकेशन में व्यस्तता थी. लेकिन उन्होंने यह महसूस किया कि उनका वह कार्य अब पूरा हो रहा है और आज वह इस कार्यक्रम का हिस्सा बन रही हैं.

आचार्य प्रमोद कृष्णम के संघर्ष की सराहना

राज्यपाल ने आचार्य प्रमोद कृष्णम के संघर्ष की सराहना करते हुए कहा कि यह धाम आज उनके कठिन परिश्रम का परिणाम है. उन्होंने कहा, “आचार्य प्रमोद कृष्णम ने वर्षों तक संघर्ष किया और इस धार्मिक स्थल की स्थापना के लिए निरंतर प्रयास किया. उनका यह संघर्ष ही आज इस धाम के रूप में वास्तविक रूप में सामने आया है.,”

राज्यपाल ने श्री कल्कि धाम के उद्देश्यों पर भी प्रकाश डाला. उन्होंने बताया कि यह धाम केवल एक धार्मिक स्थल नहीं होगा, बल्कि यह मानव उत्थान और समाज कल्याण के लिए कार्य करेगा. इस धाम का मुख्य उद्देश्य सनातन संस्कृति के शाश्वत मूल्यों की पुनः स्थापना करना और वैदिक एवं आधुनिक शिक्षा का समन्वय करते हुए एक विशाल आध्यात्मिक विश्वविद्यालय की स्थापना करना है.

भारत की सांस्कृतिक विरासत का अद्वितीय प्रतीक

राज्यपाल ने यह भी कहा कि श्री कल्कि धाम भारतीय सांस्कृतिक विरासत के समृद्धि का प्रतीक होगा. उन्होंने कहा, “यह न केवल धार्मिक स्थल का शुभारंभ है, बल्कि यह समाज में सद्भाव, प्रेम और अहिंसा को बढ़ावा देने का भी प्रयास है. यह भारत की सनातन संस्कृति के वास्तविक मूल्य जैसे अहिंसा, सच्चाई, करुणा, और परोपकार को समाज में स्थापित करने का कार्य करेगा.”

श्री कल्कि धाम में शिक्षा और चिकित्सा की पहल

राज्यपाल ने यह भी बताया कि श्री कल्कि धाम में शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में भी कई पहल की जाएगी. यहां प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक के विद्यालय, निर्धनों के लिए उपचार केंद्र, और एक मेडिकल कॉलेज की स्थापना की जाएगी. इसके अलावा, यहां एक संग्रालय और पुस्तकालय भी स्थापित किया जाएगा, जो भारतीय संस्कृति और ज्ञान को बढ़ावा देगा.

समाज में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद

राज्यपाल ने इस धाम के समाज पर सकारात्मक प्रभाव डालने की उम्मीद जताई. उन्होंने कहा, “श्री कल्कि धाम केवल एक आध्यात्मिक केंद्र नहीं, बल्कि यह समाज के समग्र विकास का प्रतीक बनेगा. यहां होने वाली योजनाएं और पहल समाज के हर वर्ग, हर आयु और हर क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक बदलाव लाएंगी,”

राज्यपाल ने श्री कल्कि धाम के निर्माण में जुटे सभी श्रमिकों, इंजीनियरों, और आर्किटेक्ट्स की सराहना की और उन्हें इस ऐतिहासिक दिन पर शुभकामनाएं दीं. उन्होंने विश्वास जताया कि श्री कल्कि धाम समाज में सकारात्मक बदलाव और आध्यात्मिक उन्नति के मार्ग को प्रशस्त करेगा.

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