Bharat Express DD Free Dish

स्कूलों के आस-पास पान, तंबाकू, सिगरेट की दुकानें बच्चों को बना रहीं नशे का आदी, ऐसी दुकानों को बंद कराएगी सरकार

बाल संरक्षण आयोग की ओर से निर्देश दिया गया है कि बच्चों को नशे की लत से दूर रखने के लिए बनारस में सभी मेडिकल स्टोर्स से बच्चों को एच-1 मॉडल की दवाइयां किसी भी दशा में न दी जाएं. साथ ही सीसीटीवी भी लगवाए जाएं.

UP Commission for Protection of Child Rights

उप्र बाल संरक्षण आयोग

Vijay Ram Edited by Vijay Ram

UP News: बच्चों में बढ़ती स्मोकिंग, पान मसाला, गुटखा खाने और नशे की लत को उप्र बाल संरक्षण आयोग ने गंभीरता से लिया है. वाराणसी आए उप्र बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष डॉ. देवेंद्र शर्मा ने सभी स्कूलों के 100 मीटर के दायरे में पान, बीड़ी, सिगरेट, गुटखा आदि की दुकानों को बंद कराने का कड़ा निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि प्रशासन इस विषय पर सख्ती से कार्रवाई करे.

बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष ने पूर्व में जारी गाइड लाइन के अनुसार, विद्यालयों के आस-पास मुआयना कर नशे का सामान बेचने वाली दुकानों को बंद कराने का निर्देश दिया. उन्होंने बच्चों को नशे से मुक्त रखने के लिए तत्काल प्रहरी क्लब की स्थापना कर पूर्व में इसके लिए जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्य करने की जिम्मेदारी भी सौंपी.

Smoking Side Effects

‘बच्चों के मुद्दे पर संवेदनशील बनें अफसर’

उत्तर प्रदेश राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष डॉ देवेन्द्र शर्मा ने बच्चों के मुद्दे पर संवेदनशील होकर काम करने की अफसरों को नसीहत दी. उन्होंने समाज में फैली कुप्रथाओं जैसे नशा, बाल विवाह, बाल श्रम, बाल भिक्षाटन, बाल यौन शोषण के मुद्दों पर लगातार कार्य करने की जरूरत बताया.

मंदिर-मठों के पास तिलक लगाने वाले बच्चों को कराएंगे पढ़ाई

अध्यक्ष ने काशी के मंदिरों-मठों के पास तिलक लगाने वाले बच्चों की जांच कर उनको शिक्षा की तरफ मोड़ने के लिए जागरुक करने तथा उनके बारे में व्यक्तिगत जानकारी हासिल करने का निर्देश प्रशासनिक अधिकारियों को दिया. उन्होंने कहा कि 21 वर्ष से कम आयुवर्ग वालों को शराब बिक्री न की जाये. औषधि प्रशासन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि बच्चों को नशे की लत से दूर रखने के लिए सभी मेडिकल स्टोर्स से बच्चों को एच-1 मॉडल की दवाइयां किसी भी दशा में न दी जाए तथा सभी मेडिकल स्टोर्स पर सीसीटीवी भी लगवाए जाएं.

– भारत एक्‍सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read