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राम मंदिर ट्रस्ट में बड़ा बदलाव: कौन हैं गोविंद देव गिरि जिन्हें मिली चंपत राय की जगह?

Ram Mandir news: राम मंदिर ट्रस्ट में बड़ा बदलाव हुआ है. गोविंद देव गिरि को नया महासचिव बनाया गया है. जानिए उनका जीवन, आध्यात्मिक सफर और ट्रस्ट में नई जिम्मेदारी.

Ram Mandir news

कौन हैं गोविंद देव गिरी

Ram Mandir Trust General Secretary: अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े कामकाज को अब नए तरीके से चलाने की तैयारी है. राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बुधवार को हुई बैठक में अपनी प्रशासनिक व्यवस्था में कई अहम बदलाव किए. सबसे बड़ा बदलाव ट्रस्ट के महासचिव पद को लेकर हुआ है. अब तक कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे गोविंद देव गिरि को नया महासचिव बनाया गया है. वहीं दिल्ली के कारोबारी महेश भागचंदका को नया कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है.

ट्रस्ट ने पहली बार मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी CEO का पद भी बनाया है. रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र को इस जिम्मेदारी के लिए चुना गया है. बताया गया कि इस पद के लिए 16 लोगों के इंटरव्यू लिए गए थे. इनमें जितेंद्र मिश्र के अलावा मेजर जनरल संजय प्रताप सिंह और श्रुति भारद्वाज भी शामिल थे. करीब 39 साल तक वायुसेना में सेवा देने वाले जितेंद्र मिश्र अब राम मंदिर ट्रस्ट के प्रशासनिक और संचालन से जुड़े कामों को संभालेंगे.

तीन नए सदस्य भी शामिल

ट्रस्ट में तीन नए सदस्यों की नियुक्ति भी हुई है. इनमें अयोध्या के अधिवक्ता मदन मोहन पांडेय, दिल्ली के कारोबारी महेश भागचंदका और शिकोहाबाद की डॉ. निर्मला यादव शामिल हैं. मदन मोहन पांडेय राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद में रामलला की ओर से कानूनी पैरवी करने वाली टीम का हिस्सा रह चुके हैं.

डॉ. निर्मला यादव ने हिंदी और संस्कृत में परास्नातक किया है और विश्वविद्यालय में करीब 15 साल काम करने का अनुभव रखती हैं. महेश भागचंदका को नया सदस्य बनाने के साथ ही कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी दी गई है. उन्हें अशोक सिंघल का रिश्तेदार बताया जाता है। तीनों नए सदस्य बैठक में ऑनलाइन शामिल हुए.

चंपत राय के बाद बदली जिम्मेदारियां

चंपत राय के इस्तीफे के बाद डॉ. कृष्ण मोहन करीब दो महीने तक कार्यवाहक महासचिव रहे. बैठक में उनके कार्यकाल की सराहना की गई. अब गोविंद देव गिरि के महासचिव बनने के साथ यह व्यवस्था स्थायी रूप ले चुकी है. अनिल मिश्रा के इस्तीफे और विमलेंद्र मोहन के निधन के बाद खाली हुई तीन सीटें भी भर दी गई हैं.

बैठक में मंदिर निर्माण के साथ-साथ ट्रस्ट की वित्तीय व्यवस्था पर भी चर्चा हुई. चढ़ावे में मिलने वाली नकदी की गिनती में मानवीय हस्तक्षेप कम करने पर जोर दिया गया. इसके लिए दो बैंकों और IIT से मिले सुझावों पर विचार किया जाएगा.

कौन हैं गोविंद देव गिरी? (Who is Govind Dev Giri?)

स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज देश के प्रमुख आध्यात्मिक संत और कथावाचकों में शामिल हैं. उनका जन्म 25 जनवरी 1949 को महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले के बेलापुर गांव में हुआ था. पांडुरंग शास्त्री अठावले से प्रेरणा मिलने के बाद उन्होंने आध्यात्मिक मार्ग अपनाया. श्रीमद्भागवत, भगवद्गीता, रामायण और महाभारत पर सरल भाषा में प्रवचन देने के लिए उनकी देश-विदेश में पहचान है. अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में वे अब तक कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे थे, जबकि मथुरा कृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट के उपाध्यक्ष भी हैं. अब उन्हें राम मंदिर ट्रस्ट का महासचिव बनाया गया है.


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बैठक में और क्या हुआ?

ट्रस्ट ने वित्त वर्ष 2025-26 के खातों को भी मंजूरी दी. इस दौरान 237 करोड़ रुपये की आय हुई और 11 करोड़ रुपये खर्च हुए. मंदिर और अन्य निर्माण कार्यों पर 425 करोड़ रुपये खर्च किए गए. 31 मार्च 2026 तक ट्रस्ट के पास 1,882 करोड़ रुपये उपलब्ध थे.

बैठक में वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ी SIT जांच पर भी चर्चा हुई. सुप्रीम कोर्ट द्वारा जांच का दायरा बढ़ाए जाने के फैसले का ट्रस्ट ने स्वागत किया. ट्रस्ट का कहना है कि जांच आगे बढ़ने से मामले के तथ्य सामने आएंगे और लोगों के बीच बना भ्रम दूर होगा. अब नई टीम के सामने मंदिर निर्माण के साथ प्रशासन, वित्त और आने वाले कामों को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने की बड़ी जिम्मेदारी होगी.

-भारत एक्सप्रेस



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