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डिजिटल दौर में काम और निजी जीवन के बीच संतुलन बिगड़ने की बढ़ती चिंता के बीच एनसीपी (एसपी) की सांसद सुप्रिया सुले ने लोकसभा में एक अहम निजी सदस्य विधेयक पेश किया है। इस विधेयक का उद्देश्य कर्मचारियों को मानसिक तनाव और लगातार उपलब्ध रहने के दबाव से राहत दिलाना है। ‘राइट टू डिस्कनेक्ट बिल, 2025’ नामक इस प्रस्तावित कानून में कर्मचारी कल्याण प्राधिकरण (एम्प्लॉई वेल्फेयर अथॉरिटी) के गठन का प्रावधान किया गया है, जो कर्मचारियों को काम के तय समय और अवकाश के दौरान ऑफिस से जुड़े फोन कॉल, ई-मेल और मैसेज का जवाब न देने का कानूनी अधिकार देगा। यह विधेयक 5 दिसंबर को लोकसभा में पेश किया गया। इसके बाद सुप्रिया सुले ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि यह पहल डिजिटल कल्चर से पैदा हो रहे तनाव, थकान और बर्नआउट को कम करने में मदद करेगी। उनके मुताबिक, लगातार ऑनलाइन रहने की मजबूरी न केवल कर्मचारियों की निजी जिंदगी को प्रभावित कर रही है, बल्कि उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक असर डाल रही है। ऐसे में यह बिल बेहतर जीवन गुणवत्ता और स्वस्थ वर्क–लाइफ बैलेंस को बढ़ावा देने की दिशा में एक जरूरी कदम है।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान को सख्त और साफ संदेश दिया है। ‘शांति के लिए नेतृत्व’ विषय पर हो रही खुली बहस के दौरान पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर को लेकर एक बार फिर भ्रामक और बेबुनियाद बयान दिया। पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर को विवादित क्षेत्र बताया, जिस पर भारत ने तुरंत कड़ा जवाब दिया।

एम्स दिल्ली में इलाज के लिए आने वाले ओपीडी मरीजों को अब सीटी स्कैन जांच के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। मरीजों की सुविधा और समयबद्ध इलाज को ध्यान में रखते हुए (AIIMS) ने एक अहम पहल की है। इसके तहत एम्स ने प्राइवेट और प्रतिष्ठित Diagnostic Center से **Expression of Interest (EOI)** मांगा है, ताकि ओपीडी मरीजों को **सब्सिडी दरों पर और तय समय के भीतर सीटी स्कैन जांच** की सुविधा मिल सके।

दिल्ली में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने MGNREGA का नाम बदले जाने को लेकर केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा की “नाम बदलने की संस्कृति” कोई नई नहीं है और डबल इंजन सरकार में उत्तर प्रदेश वाला इंजन अब दिल्ली के इंजन को सिखा रहा है।

जानकारी के लिए बता दें कि मनरेगा को साल 2005 में ग्रामीण विकास मंत्रालय की ओर से शुरू किया गया था. इसकी खासियत यह है कि मनरेगा दुनिया के सबसे बड़े रोजगार गारंटी कार्यक्रमों में से एक है. 2022-23 तक इस योजना के तहत करीब 15.4 करोड़ एक्टिव मेंबर रजिस्टर्ड थे. सरकार की ओर से शुरू किए गए इस योजना का उद्देश्य था अधिकार-आधारित सिस्टम के जरिए गरीबी की जड़ को दूर करना.

भारतीय जनता पार्टी की राजनीति को समझना आसान नहीं है। नितिन नबीन को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर बीजेपी ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि पार्टी केवल वर्तमान नहीं, बल्कि भविष्य की राजनीति की तैयारी कर रही है। एबीवीपी से लेकर सत्ता और संगठन तक, नई लीडरशिप तैयार करने, सामाजिक संतुलन साधने और नेतृत्व परिवर्तन को सहज बनाने की बीजेपी की रणनीति क्या है? इस वीडियो में हम विस्तार से समझेंगे कि आखिर बीजेपी कैसे अपनी राजनीतिक बढ़त बनाए रखती है और क्यों उसके फैसले विपक्ष को बार-बार चौंका देते हैं।

भोपाल से जबलपुर तक बने नेशनल हाईवे-45 पर भारत का एक नया और अनोखा हाईटेक प्रयोग शुरू किया गया है. इसका मकसद सड़क हादसों को कम करना और जंगल में रहने वाले जानवरों की जान बचाना है. नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने इस हाईवे को इस तरह तैयार किया है कि ड्राइवर को बिना किसी स्पीड ब्रेकर के ही पहले से सतर्क किया जा सके और गाड़ी की रफ्तार अपने आप कम हो जाए

आवार पशु आज के समय में किसानों और आम लोगों के लिए ऐसी समस्या बन गए हैं जिसका अंदाजा हम इस बात से लगा सकते हैं जिसका एक वाकया हमें मध्य प्रदेश से देखने को मिला है...अब आप भी सोच रहे होंगे कि ऐसा क्या हो गया जो इतना वायरल हो गया...

आदित्य धर की नई एक्शन स्पाई-थ्रिलर फिल्म ‘धुरंधर’ सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है और दर्शकों के बीच इसे जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है। इस फिल्म की कहानी जितनी मजबूत है, उतनी ही खास इसकी लोकेशंस भी हैं। अलग-अलग जगहों पर हुई शूटिंग ने फिल्म को रियल और ग्रैंड लुक दिया है। आइए जानते हैं कि ‘धुरंधर’ की शूटिंग किन-किन जगहों पर की गई है

ट्रंप प्रशासन ने सोमवार से H-1B वीजा और H-4 वीजा आवेदकों की जांच के आदेश दिए हैं। यह जांच आज (सोमवार) से शुरू होगी। जांच के दौरान सभी की सोशल मीडिया प्रोफाइल भी चेक की जाएगी। ट्रंप प्रशासन ने एक नया आदेश जारी करते हुए कहा है कि 15 दिसंबर से H-1B वीजा का आवेदन करने वालों और उनपर आश्रित लोगों की ऑनलाइन उपस्थिति की समीक्षा की जाएगी। स्टूडेंट्स पहले से ही इस समीक्षा के दायरे में थे। वहीं, अब अमेरिकी प्रशासन ने ऑनलाइन उपस्थिति के साथ-साथ सोशल मीडिया प्रोफाइल की जांच करने का भी आदेश दिया है। साथ ही H-1B वीजा और H-4 वीजा आवेदक और उनपर आश्रित लोग भी इस जांच के दायरे में आएंगे।