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विशेष

संथाल आदिवासी समाज ने बुधनी मंझियाईन का विरोध शुरू कर दिया. आदिवासी समाज ने एक पंचायत बुलाई और बुधनी का समाज से बहिष्कार करने का फरमान सुनाया गया.

ओडिशा की संबलपुरी-कोशली भाषा में हलधर नाग द्वारा लिखी गईं कविताएं काफी प्रसिद्ध हैं. आश्चर्य की बात यह है कि अब तक जो भी काव्य रचनाएं उन्होंने की हैं, लगभग सभी कविताएं उन्हें जुबानी याद हैं.

उत्तर प्रदेश की फैजाबाद सीट पर सपा के नेता वरिष्ठ विधायक अवधेश प्रसाद ने भाजपा के दो बार के सांसद लल्लू सिंह को 54,567 मतों से हराया है. अयोध्या इसी सीट का हिस्सा है.

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने पत्रकारिता से अपने करिअर की शुरुआत की थी, जो 1951 में भारतीय जनसंघ में शामिल होने के बाद समाप्त हो गया, यह आज की भारतीय जनता पार्टी है.

ये वो समय था, जब 10वीं लोकसभा के लिए देश में चुनाव हो रहे थे. ये राजनीतिक अस्थिरता का दौर था और अर्थव्यवस्था भी गहरे संकट से गुजर रही थी.

इमरजेंसी के दौरान पुलित्जर पुरस्कार से सम्मानित अमेरिकी पत्रकार लुईस एम. सिमंस को भारत से निर्वासित कर दिया गया था. उस जमाने में उन्होंने अमेरिकी अखबार वॉशिंगटन पोस्ट के लिए एक खबर लिखी थी, जिसमें बताया था कि एक पार्टी के दौरान संजय गांधी ने अपनी मां इंदिरा गांधी को थप्पड़ मार दिया था.

महिलाओं के अधिकारों की वकालत करना सभी का कर्तव्य है, चाहे वह स्त्रीवादी हो या नहीं. साथ ही यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि पुरुषों को उनके पूर्वजों के गलत कार्यों के लिए प्रताड़ित न किया जाए.

छोटे या बड़े स्तर के सभी युद्ध और संघर्षों का सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और मानवीय मोर्चे पर चौतरफा नकारात्मक प्रभाव पड़ता है. इसका खामियाजा सबसे अधिक कमजोर समुदाय को भुगतना पड़ता है.

मध्य प्रदेश के चंबल में 50 के दशक में गब्बर सिंह नाम के डकैत का आतंक चरम पर था, जिससे तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू भी परेशान थे. ऐसी चर्चा रही है कि शोले फिल्म में गब्बर का किरदार इसी डाकू की कहानी से प्रेरित था.

आजादी के बाद और 1951-52 में हुए पहले लोकसभा चुनाव से पूर्व देश में पंडित जवाहर लाल नेहरू के नेतृत्व में एक अंतरिम सरकार का गठन किया गया था, जिसमें डॉ. भीमराव आंबेडकर केंद्रीय कानून मंत्री थे.