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अमेरिका में अडानी समूह की बड़ी जीत: फेडरल कोर्ट ने SEC केस खारिज करने की प्रक्रिया को दी हरी झंडी

अमेरिकी संघीय अदालत ने अडानी समूह के खिलाफ SEC के मुकदमे को खारिज करने की प्रक्रिया शुरू करने की अनुमति दे दी है. इसे अडानी समूह के लिए एक बड़ी कानूनी जीत माना जा रहा है, क्योंकि समूह ने इस मामले को अमेरिकी अधिकार क्षेत्र से बाहर और आधारहीन बताया है.

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अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग (SEC) द्वारा लगाए गए आरोपों का सामना कर रहे अडानी समूह को अमेरिकी संघीय अदालत से एक बड़ी और सकारात्मक खबर मिली है. अदालत ने उद्योगपति गौतम अडानी और उनके भतीजे सागर अडानी की उस याचिका को स्वीकार कर लिया है, जिसमें उन्होंने SEC के मुकदमे को खारिज करने की प्रक्रिया शुरू करने की अनुमति मांगी थी. इसे अडानी समूह के लिए एक बड़ी शुरुआती जीत के रूप में देखा जा रहा है.

प्री-मोशन कॉन्फ्रेंस को मंजूरी

अमेरिकी अदालत ने इस मामले में अडानी पक्ष की ‘मोशन टू डिसमिस’ दायर करने से पहले प्री-मोशन कॉन्फ्रेंस की मांग को अपनी मंजूरी दे दी है. इसके तहत अब दोनों पक्षों को आपस में चर्चा कर अदालत के साथ एक बैठक तय करनी होगी. इस बैठक में इस बात पर जोरदार बहस होगी कि क्या SEC का मामला आगे बढ़ने लायक है भी या नहीं. यह फैसला अडानी समूह के लिए बेहद राहत भरा है, क्योंकि इससे उन्हें बेबुनियाद आरोपों को शुरुआती स्तर पर ही कड़ी चुनौती देने और केस को खत्म करने का शानदार मौका मिल गया है.

कानूनी रूप से दोषपूर्ण है मामला

अडानी परिवार के वकीलों ने अमेरिकी अदालत के सामने बेहद मजबूत दलीलें पेश की हैं. वकीलों का स्पष्ट कहना है कि यह पूरा मामला अमेरिकी क्षेत्राधिकार से पूरी तरह बाहर है और इसमें किसी भी तरह का कोई गलत कार्य सिद्ध नहीं होता है. अदालत को भेजे गए पत्र में बताया गया है कि 2021 में अडानी समूह की नवीकरणीय ऊर्जा इकाई ‘अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड’ (AGEL) द्वारा जारी 7.5 करोड़ डॉलर के बॉन्ड बिक्री के संदर्भ में SEC के दावे कई कानूनी आधारों पर पूरी तरह दोषपूर्ण हैं.

निवेशकों का पैसा सुरक्षित

नवंबर 2024 में दायर किए गए इस मुकदमे में आरोप लगाया गया था कि निवेशकों को कथित रिश्वत की योजना से अवगत नहीं कराया गया था. हालांकि, अडानी पक्ष ने इन दावों की हवा निकालते हुए अदालत को बताया कि न तो गौतम अडानी और न ही सागर अडानी का अमेरिका के साथ कोई पर्याप्त संपर्क था, और न ही वे बॉन्ड पेशकश में प्रत्यक्ष रूप से शामिल थे. सबसे बड़ी बात यह है कि बॉन्ड का लेन-देन अमेरिका के बाहर हुआ था और 2024 में यह पूरी तरह से चुकता भी हो चुका है.

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SEC के दावे महज सामान्य कॉरपोरेट प्रचार

अडानी के वकीलों ने SEC द्वारा ईएसजी (ESG), भ्रष्टाचार-रोधी और कॉरपोरेट प्रतिष्ठा के बारे में दिए गए बयानों को भी खारिज कर दिया. उन्होंने तर्क दिया कि ये दावे केवल सामान्य कॉरपोरेट प्रचार का हिस्सा हैं और इन पर धोखाधड़ी का मुकदमा नहीं चलाया जा सकता. अडानी पक्ष पूरी तरह से आत्मविश्वास से भरा हुआ है और उन्होंने आवेदन-पूर्व सुनवाई (प्री-मोशन हियरिंग) में उपस्थित होकर इस आधारहीन मुकदमे को पूरी तरह से खारिज कराने की अपनी तैयारी तेज कर दी है.



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