Bharat Express DD Free Dish
Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital
Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital

पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में आटे के दाम, बिजली बिल और अन्य मांगों के लेकर 11 मई को विरोध प्रदर्शन की तैयारी, दबाने के लिए प्रशासन कर रहा सैनिकों को तैनात

यूनाइटेड कश्मीर पीपुल्स नेशनल पार्टी (यूकेपीएनपी) और संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के खिलाफ किसी भी तरह के बल के इस्तेमाल के खिलाफ प्रशासन को गंभीर चेतावनी जारी की है.

पीओजेके

पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) में इन दिनों काफी तेजी से तनाव बढ़ता दिख रहा है. 11 मई को क्षेत्र में होने वाले विरोध प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने अभी से कमर कस ली है. पाकिस्तानी प्रशासन इसे दबाने के लिए पंजाब प्रांत से सैनिकों को तैनात कर रहा है. हालांकि, यूनाइटेड कश्मीर पीपुल्स नेशनल पार्टी (यूकेपीएनपी) और संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के खिलाफ किसी भी क्रूर बल के इस्तेमाल के खिलाफ प्रशासन को गंभीर चेतावनी जारी की है. दोनों पार्टियों ने चेतावनी जारी की है कि अगर प्रशासन अपनी जायज मांगें उठा रहे प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई बल प्रयोग करता है तो वे अंतरराष्ट्रीय विरोध और प्रदर्शन आयोजित करेंगे.

सड़कों पर जवान

फिलहाल, पंजाब प्रांत के फ्रंटियर कोर, रेंजर्स और क्विक रिस्पांस फोर्स (क्यूआरएफ) के जवानों का तैनाती इलाके की सड़कों पर हो चुकी है. यूकेपीएनपी और जेएएसी द्वारा जारी एक संयुक्त बयान के अनुसार, प्रदर्शनकारी अनुचित कराधान, उच्च बिजली बिल, अनियंत्रित मुद्रास्फीति, आटा जैसी आवश्यक वस्तुओं की भारी कमी का विरोध कर रहे हैं. बता दें कि कुछ दिनों पहले ही यूनाइटेड कश्मीर पीपुल्स नेशनल पार्टी (यूकेपीएनपी) और ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) ने पहले जारी एक संयुक्त बयान में घोषणा की थी कि मार्च आसमान छूती महंगाई, गंभीर बेरोजगारी, गेहूं और आटे पर सब्सिडी रद्द करने, अनुचित लोड शेडिंग, शोषण जैसे मुद्दों को उठाएगा.

इन मुद्दों को लेकर लोग कर रहे मांग

इसके अतिरिक्त, लोग स्थानीय भूमि और जल संसाधनों के स्वामित्व और पीओजेके और पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित बाल्टिस्तान में स्थित बांधों में उत्पादित पनबिजली पर स्थानीय लोगों के लिए रॉयल्टी की भी मांग करते हैं. यूकेपीएनपी के अध्यक्ष सरदार शौकत अली कश्मीरी और जेएएसी के पूर्व प्रवक्ता सरदार नासिर अजीज खान ने कहा कि पीओजेके और पीओजीबी के विकास के लिए कश्मीरी प्रवासियों द्वारा सालाना अरबों डॉलर भेजे जाने के बावजूद इन क्षेत्रों के लोग पीड़ित हैं.

कथित तौर पर यह धनराशि पाकिस्तानी बैंकों को भेज दी जाती है, जिससे क्षेत्र में आर्थिक संकट पैदा हो गया है. इससे पहले, इसी संदर्भ में, पीओजेके कार्यकर्ता अमजद अयूब मिर्जा ने प्रशासन द्वारा उठाए गए आधिकारिक अनुरोधों का हवाला देते हुए कहा था कि किसी भी तरह के कानून के उल्लंघन और अव्यवस्था की स्थिति से बचने के लिए नागरिक सशस्त्र बल (सीएएफ) के लिए 600 पुलिस कर्मियों और छह प्लाटून की मांग की गई है. पीओके और चीनी नागरिकों की रक्षा करें, विशेष रूप से अप्रैल में चीनी नागरिकों से संबंधित हालिया विस्फोटों के बाद.

इसे भी पढें: इमरान खान की पत्नी बुशरा बीबी को इस्लामाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत, कोर्ट ने दिया ये आदेश

मिर्जा ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पीओके के लोग चार साल से अधिक समय से मानवीय संकट से जूझ रहे हैं और समस्याएं हर साल बढ़ती जा रही हैं और अब हर महीने बढ़ रही हैं. आगे उन्होंने कहा कि “बेशक, पाकिस्तानी राज्य हमारे लोगों से डरा हुआ है क्योंकि वे हमारे सविनय अवज्ञा को दबाने के लिए हर तरह के बहाने का इस्तेमाल कर रहे हैं. अब लोग गुस्से में हैं और उनका कहना है कि वे अनिश्चितकालीन धरना देने जा रहे हैं”



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital