1 सितंबर रविवार की रात अफगानिस्तान का दक्षिण-पूर्वी इलाका भूकंप के तेज झटकों से थर्रा गया. रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 6.0 मापी गई. मध्य रात्रि को आए इस भूकंप के झटके सिर्फ अफगानिस्तान ही नहीं बल्कि, पाकिस्तान और भारत के उत्तरी इलाके खासकर दिल्ली-एनसीआर में भी महसूस किए गए. इस भूकंप की वजह से अफगानिस्तान में भयंकर जान-माल के नुकसान की खबरें आ रही हैं.
अफगानिस्तान सरकार के द्वारा संचालित ब्रोडकास्ट चैनल रेडियो टेलीविजन अफगानिस्तान के मुताबिक, इस भूकंप में अभी तक 500 लोगों के मौत की पुष्टि हुई है. वहीं 1000 से ज्यादा लोग घायल हैं. सभी घायलों का अस्पतालों में इलाज चल रहा है.
8 किलोमीटर की गहराई में था केंद्र
संयुक्त राज्य भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि ये भूकंप 12 बजकर 47 मिनट पर आया और इसका केंद्र अफगानिस्तान के जलालाबाद से 27 किलोमीटर उत्तर पूर्व में 8 किलोमीटर की गहराई में था. भूकंप इतना तेज था कि इसके झटके पाकिस्तान और भारत के दिल्ली-एनसीआर इलाकों में भी महसूस किये गए. नोएडा में भी भूकंप को महसूस किया गया. जिसकी वजह से कई लोग घरों से बाहर निकल आए. हालांकि भारत में इस भूकंप की वजह से जान माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है.
भारतीय और यूरेशियन प्लेट्स के जंक्शन पर है अफगानिस्तान
अफगानिस्तान हमेशा से भूकंप के लिहाज से संवेदनशील रहा है. इसका मुख्य कारण इसका भूगोल है. रेड क्रॉस के मुताबिक अफगानिस्तान का हिंदूकुश पर्वतीय क्षेत्र भूवैज्ञानिक रूप से काफी सक्रिय रहता है. क्योंकि इस जगह पर भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेट्स एक दूसरे से मिलती हैं. भूवैज्ञानिकों के अनुसार अफगानिस्तान के हेरात से होकर एक फॉल्ट लाइन गुजरती है. जमीन के भीतर थोड़ी सी हलचल इस इलाके में भूकंप का कारण बनती है.
पिछले महीने भी अफगानिस्तान में आए दो भूकंप
पिछले महीने भी अफगानिस्तान के इस इलाके में भूकंप के झटके महसूस किये गए. 2 अगस्त को आए इस भूकंप की तीव्रता 5.5 थी. वहीं भूकंप का केंद्र 87 किलोमीटर नीचे था. जबकि आज आए भूकंप का केंद्र मात्र 8 किलोमीटर नीचे था.
विशेषज्ञों के अनुसार जैसे-जैसे भूकंप के केंद्र की गहराई बढ़ती जाती है वैसे-वैसे भूकंप की तीव्रता कम होने लगती है. इसलिए सतही भूकंप, अधिक गहराई वाले भूकंप से ज्यादा खतरनाक होते हैं. क्योंकि इनके झटके तुरंत पहुंच जाते हैं. इसकी वजह से जान-माल का नुकसान ज्यादा होता है.
– भारत एक्सप्रेस
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