US Israel Iran conflict: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ मौजूदा सीजफायर केवल 21 अप्रैल तक ही मान्य है। उन्होंने साफ किया कि अगर तेहरान ने शर्तों का पालन नहीं किया तो अमेरिका फिर से सैन्य कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा। ट्रंप ने ईरान को “पार्टी खत्म होने” की चेतावनी दी है।
होर्मुज स्ट्रेट पर असर
होर्मुज स्ट्रेट, जहां से दुनिया का लगभग 20% तेल और गैस गुजरता है, इस तनाव का सबसे बड़ा केंद्र बना हुआ है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते टकराव से इस मार्ग पर तेल की सप्लाई प्रभावित हो सकती है। इससे वैश्विक ऊर्जा कीमतों में और उछाल आने की आशंका है।
युद्धविराम की शर्तें
21 अप्रैल तक लागू युद्धविराम के तहत ईरान को अपने सैन्य कदमों पर रोक लगानी थी। लेकिन अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि ईरान ने कई बार समझौते का उल्लंघन किया है। इसी वजह से ट्रंप ने दोबारा हमले की चेतावनी दी है।
अंतरराष्ट्रीय चिंता
इस पूरे घटनाक्रम से पश्चिम एशिया में अस्थिरता बढ़ गई है। कई देशों को डर है कि अगर युद्धविराम टूटता है तो तेल की कीमतें और सप्लाई चेन पर गंभीर असर पड़ेगा। यूरोपीय देशों ने अमेरिका और ईरान दोनों से संयम बरतने की अपील की है।
ये भी पढ़ें-आरक्षण पर भाषण और नजरें हाथ की पट्टी पर… राहुल गांधी को कैसे लगी ये चोट?
भारत पर असर
भारत जैसे देशों के लिए यह स्थिति चिंता का विषय है क्योंकि तेल आयात का बड़ा हिस्सा होर्मुज स्ट्रेट से होकर आता है। अगर तनाव बढ़ता है तो भारत में भी पेट्रोल-डीजल की कीमतें प्रभावित हो सकती हैं।
Also Follow Bharat Express on Youtube
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.


