Balochistan Blast: पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में एक बार फिर रेलवे ट्रैक को निशाना बनाया गया. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नसीराबाद जिले के नोतल इलाके में राष्ट्रीय राजमार्ग के पास अज्ञात हमलावरों ने विस्फोटक लगाकर धमाका किया.
क्या है पूरा मामला?
धमाका उस वक्त हुआ जब ट्रैक से कोई ट्रेन नहीं गुजर रही थी. इसी वजह से बड़ा हादसा टल गया. विस्फोट से रेलवे लाइन का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया. पुलिस सूत्रों ने बताया कि इस घटना में किसी तरह का जान-माल का नुकसान नहीं हुआ.
पुलिस और सुरक्षा बल की कार्रवाई
जैसे ही धमाके की खबर मिली, पुलिस और सुरक्षा बल मौके पर पहुंच गए. इलाके की घेराबंदी की गई और हमलावरों की तलाश में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया. ट्रैक खराब होने की वजह से कुछ समय के लिए रेल यातायात रोक दिया गया. रेलवे अधिकारी तुरंत मरम्मत में जुट गए. अधिकारियों ने कहा कि जांच शुरू कर दी गई है और दोषियों को जल्द पकड़ लिया जाएगा.
पहले भी हुए हमले
पिछले महीने भी डेरा मुराद जमाली के पास रेलवे ट्रैक पर बम धमाका हुआ था. उस समय ट्रैक का एक हिस्सा उड़ गया था, जबकि पुलिस ने एक अन्य विस्फोटक को निष्क्रिय कर दिया था. पुलिस के मुताबिक, नसीराबाद के नोतल इलाके में मुख्य रेलवे लाइन पर आईईडी लगाया गया था, जो पेशावर से क्वेटा जा रही जाफर एक्सप्रेस के पहुंचने से पहले ही फट गया.
जाफर एक्सप्रेस पर लगातार निशाना
नवंबर में बोलान दर्रा क्षेत्र में जाफर एक्सप्रेस पर हमला हुआ था. ट्रेन पर आब-ए-गुम के पास सशस्त्र लोगों ने फायरिंग की थी. रेलवे पुलिस और सुरक्षा कर्मियों ने जवाबी कार्रवाई की, जिसके बाद हमलावर भाग निकले. इस घटना में भी कोई हताहत नहीं हुआ.
जाफर एक्सप्रेस को बनाया गया निशाना
अक्टूबर में सिंध के शिकारपुर जिले में क्वेटा जा रही जाफर एक्सप्रेस को निशाना बनाकर धमाका किया गया था. इसमें कम से कम सात लोग घायल हो गए थे. शिकारपुर के डिप्टी कमिश्नर शकील अब्रो ने बताया था कि सुल्तान कोट रेलवे स्टेशन से करीब एक किलोमीटर दूर ट्रैक पर विस्फोट हुआ था.
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BLA का हाईजैक
पिछले साल मार्च में बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) की मजीद ब्रिगेड ने जाफर एक्सप्रेस को हाईजैक कर लिया था. 11 मार्च 2025 को बोलान दर्रे के धबर इलाके में ट्रैक उड़ाकर ट्रेन को रोका गया था. इस दौरान 400 से ज्यादा यात्रियों को बंधक बना लिया गया था. यह गतिरोध 24 घंटे से ज्यादा चला. बीएलए ने दावा किया था कि उसने पहचान पत्रों की जांच के बाद कम से कम 20 सुरक्षा कर्मियों की हत्या की थी.
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-भारत एक्सप्रेस
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