Bangladesh Violence: बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले रुक नहीं रहे हैं. नए साल की पूर्व संध्या पर शरियतपुर जिले में एक हिंदू व्यापारी खोखन चंद्र दास पर इस्लामिक कट्टरपंथियों की भीड़ ने हमला किया. यह घटना तब की है, जब खोखन चंद्र दास अपनी फार्मेसी की दुकान बंद करके घर जा रहे थे. तिलोई इलाके में कट्टरपंथियों ने उन्हें रोक लिया. पहले उन्हें पीटा, फिर चाकू से कई वार किए. उसके बाद पेट्रोल डालकर आग लगा दी. खोखन ने पास के तालाब में छलांग लगाकर अपनी जान बचाई.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ स्थानीय लोगों ने खोखन चंद्र दास को अस्पताल पहुंचाया, जहां उनकी हालत गंभीर है. खोखन चंद्र दास 40 साल के हैं और दामुद्या के केउरभंगा बाजार में दुकान चलाते हैं. हमलावरों ने उन्हें धारदार हथियारों से घायल किया. पुलिस ने अभी हमलावरों की पहचान नहीं की है. इलाके में डर का माहौल है. यह हमला हिंदुओं पर नफरत का एक और उदाहरण है. सोशल मीडिया पर वीडियो और तस्वीरें वायरल हो रही हैं, जो घटना की भयानकता दिखाती हैं.
दीपू चंद्र दास को जिंदा जलाया था
पिछले दो हफ्तों में हिंदुओं पर हमले की यह चौथी घटना है. 18 दिसंबर 2025 को दीपू चंद्र दास को वहां पीटकर जिंदा जलाया गया था. उसके बाद 25 दिसंबर को अमृत मंडल की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. बांग्लादेश सरकार ने इन हमलों पर चुप्पी साध रखी है.
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं
लोग सोशल मीडिया पर गुस्सा जता रहे हैं. एक्स (ट्विटर) पर एक यूजर ने लिखा, “बांग्लादेश में ये अल्पसंख्यकों का नरसंहार हो रहा है.” दूसरे ने कहा, “जिस मुल्क को पहले भारत से अलग किया गया और फिर पाकिस्तान से आजादी दिलाई गई, आज वहां कानून व्यवस्था की खुली धज्जियां उड़ रही हैं.”
एक्स पर कई पोस्ट्स में वीडियो शेयर किए गए हैं. एक वीडियो में घटना का विवरण है, जहां खोखन को चाकू से पेट में गोदा गया. लोग हैशटैग #SaveBangladeshiHindus से आवाज उठा रहे हैं. एक पोस्ट में लिखा, “भारत सरकार को हस्तक्षेप करना चाहिए.”
ये पोस्ट्स दिखाते हैं कि दुनिया भर में लोग चिंतित हैं. कुछ तस्वीरें अस्पताल से आई हैं, जहां खोखन का इलाज चल रहा है.
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