Indus Waters Treaty: सिंधु जल संधि को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने भारत पर तीखा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान के पानी को रोकने की कोशिश हुई तो इसे सिर्फ पर्यावरण या कूटनीतिक विवाद नहीं, बल्कि देश के अस्तित्व पर हमला माना जाएगा.
परमाणु नीति का हवाला
बिलावल ने कहा कि पाकिस्तान की परमाणु नीति में कुछ हालात तय किए गए हैं, जिनमें अगर देश की अर्थव्यवस्था या जल संसाधनों को गंभीर नुकसान पहुंचाने की कोशिश होती है तो उसे राष्ट्रीय अस्तित्व के लिए खतरा माना जाएगा. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर पानी रोका गया तो यह “न्यूक्लियर आर्मागेडन” जैसी स्थिति होगी और उसका जवाब भी उसी गंभीरता से दिया जाएगा.
भारत पर आरोप
जरदारी ने आरोप लगाया कि भारत पानी को दबाव बनाने के हथियार की तरह इस्तेमाल करना चाहता है. उन्होंने कहा कि सिंधु नदी पाकिस्तान के लिए कोई सौदेबाजी का मुद्दा नहीं, बल्कि जीवनरेखा है. पाकिस्तान अपने पानी, संधि और संप्रभुता की रक्षा हर हाल में करेगा.
शांति पर बयान
बिलावल ने कहा कि पाकिस्तान शांति चाहता है, लेकिन सम्मान के साथ. बातचीत भी कानून के दायरे में होगी और किसी के सामने झुककर नहीं. उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान अपने पानी के अधिकार कभी नहीं छोड़ेगा.
भारत का कदम
भारत ने अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि को स्थगित कर दिया था. तब से पाकिस्तान लगातार इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठा रहा है. पाकिस्तान की लगभग 80 प्रतिशत खेती सिंधु नदी पर निर्भर है, इसलिए यह संधि वहां बेहद अहम है.
ये भी पढ़ें-जनसांख्यिकीय बदलावों पर हाई लेवल कमेटी ने गृह मंत्री अमित शाह से की मुलाकात
पुराना बयान भी याद दिलाया
यह पहली बार नहीं है जब बिलावल ने धमकी भरा बयान दिया हो. 2025 में भी उन्होंने कहा था कि “या तो सिंधु में हमारा पानी बहेगा या उनका खून.” अब एक बार फिर उन्होंने परमाणु नीति का हवाला देकर साफ कर दिया है कि पाकिस्तान इस मुद्दे को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और अस्तित्व से जोड़कर देख रहा है.
Also Follow Bharat Express on Youtube
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

