Australia Mass Shooting: ऑस्ट्रेलिया के मशहूर बॉन्डी बीच पर 14 दिसंबर 2025 को हनुक्का उत्सव के दौरान आतंकी हमला हुआ. इस हमले में कम से कम 15 लोग मारे गए. हमलावर मुस्लिम पिता-पुत्र थे. हमलावर साजिद अकरम हमले के दौरान वहीं पर पुलिस की गोली से मारा गया, जबकि उसका 24 साल का बेटा नवीद घायल हो गया. जांच-पड़ताल में सामने आया है कि अकरम मूल रूप से हैदराबाद का रहने वाला था.
तेलंगाना पुलिस ने उसके बारे में कई बातें मीडिया को बताई हैं. पुलिस ने बताया कि मूल रूप से हैदराबाद का रहने वाला साजिद अकरम 1998 में नौकरी की तलाश में ऑस्ट्रेलिया गया था. उसके बाद परिवार से उसका संपर्क बहुत कम रह गया. आखिरी बार वह 2022 में हैदराबाद आया था.
परिवार को रैडिकलाइजेशन की भनक नहीं?
तेलंगाना पुलिस के मुताबिक, भारत छोड़ने से पहले उसके खिलाफ कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था. पुलिस का कहना है कि परिवार को साजिद के कट्टरपंथी विचारों या गतिविधियों की कोई जानकारी नहीं थी. उसका कट्टर बनना भारत से जुड़ा नहीं लगता. तेलंगाना पुलिस ने साफ किया कि प्रारंभिक जांच में भारत या तेलंगाना में कोई स्थानीय कनेक्शन नहीं मिला. साजिद ने ऑस्ट्रेलिया में परमानेंट सेटलमेंट के बाद भी भारतीय पासपोर्ट रखा था.
कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि हैदराबाद के परिवार ने साजिद से रिश्ता तोड़ लिया था, क्योंकि उसने ईसाई महिला से शादी की थी.
भारत के पासपोर्ट से फिलीपींस की यात्रा की थी
साजिद अकरम और उसका बेटा, दोनों नवंबर 2025 में ही फिलीपींस भी गए थे. बताया जा रहा है कि साजिद ने भारतीय पासपोर्ट इस्तेमाल किया, जबकि नवीद ने ऑस्ट्रेलियाई पासपोर्ट को यूज किया. रिपोर्ट्स के अनुसार, वहां उन्होंने सैन्य स्टाइल ट्रेनिंग ली, इसकी जांच चल रही है.
आईएसआईएस विचारधारा से प्रेरित हमला
ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री ने कहा कि साजिद अकरम द्वारा किया गया हमला इस्लामिक स्टेट (ISIS) की विचारधारा से प्रेरित था. हमले में यहूदियों को निशाना बनाया गया. कार में आईएसआईएस का झंडा मिला था. 14 दिसंबर 2025 को हुआ हमला ऑस्ट्रेलिया में बीते दशकों का सबसे बड़ा मास शूटिंग है.
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