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हिंद महासागर में चीन की जासूसी चाल: उसका खुफिया युद्धपोत ‘Da Yang Yi Hao’ बना भारत की सुरक्षा के लिए चुनौती

यह जहाज़ इस समय अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के पास देखा गया है और अब यह पश्चिम की ओर, अरब सागर की दिशा में बढ़ रहा है. इसी क्षेत्र में भारतीय नौसेना के विमानवाहक पोत INS Vikrant, रणनीतिक पनडुब्बियां और कई युद्धपोत तैनात हैं.

Da Yang Yi Hao

भारत के प्रति अक्सर दुश्मनी-भरा रवैया रखने वाले एशिया के सबसे बड़े देश चीन ने मई 2025 में अपने तथाकथित रिसर्च वेसल ‘Da Yang Yi Hao’ को हिंद महासागर क्षेत्र में तैनात कर दिया है. हालांकि इसे वैज्ञानिक अनुसंधान के नाम पर भेजा गया बताया जा रहा है, लेकिन इसकी वास्तविक भूमिका गहन समुद्री जासूसी से जुड़ी है. इस जहाज़ की गतिविधियां भारत की सामरिक और नौसैनिक सुरक्षा के लिहाज़ से बेहद चिंताजनक मानी जा रही हैं.

Da Yang Yi Hao’ की प्रमुख क्षमताएं:

  • सोनार और हाइड्रोफोन सिस्टम: यह जहाज़ उन्नत हाई-फ्रीक्वेंसी सोनार और हाइड्रोफोन एरेज़ से लैस है, जो समुद्र के भीतर चल रही पनडुब्बी गतिविधियों को ट्रैक कर सकता है. यह तकनीक साइलेंट मोड में चल रही पनडुब्बियों की स्थिति और दिशा तक का पता लगाने में सक्षम है.
  • डेटा कलेक्शन और सर्वे लैब: जहाज़ में समंदर की गहराइयों का नक्शा बनाने और सामरिक जानकारी एकत्र करने के लिए अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं हैं. यह जहाज़ सतह और गहराई दोनों से सिग्नल इंटरसेप्ट कर सकता है.
  • स्वायत्त निगरानी प्रणाली: जहाज़ में लगे कुछ अंडरवॉटर ड्रोन्स और सेंसर समुद्र में स्वतंत्र रूप से घूमकर जानकारी एकत्र करते हैं, जो बाद में एनालिसिस के लिए जहाज़ पर भेजी जाती है.

मौजूदा तैनाती और उद्देश्य:

यह जहाज़ इस समय अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के पास देखा गया है और अब यह पश्चिम की ओर, अरब सागर की दिशा में बढ़ रहा है. इसी क्षेत्र में भारतीय नौसेना के विमानवाहक पोत INS Vikrant, रणनीतिक पनडुब्बियां और कई युद्धपोत तैनात हैं. ऐसे समय में चीन के इस जहाज़ की गतिविधियों को भारत की नौसेना मूवमेंट को ट्रैक करने और रणनीतिक जानकारियाँ इकट्ठा करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है.

जासूसी या शोध?

जहां चीन इसे ‘वैज्ञानिक शोध’ बता रहा है, वहीं विश्व भर की रक्षा एजेंसियाँ इसे एक तैरता हुआ जासूसी केंद्र (Floating Espionage Hub) मान रही हैं. यह पहली बार नहीं है जब चीन ने शोध के नाम पर किसी क्षेत्र की सामरिक सीमाओं में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई हो.

भारत की रणनीतिक तैयारी:

भारतीय नौसेना और खुफिया तंत्र इस जहाज़ की हर गतिविधि पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं. हाल ही में हुए #OperationSindoor और अन्य रक्षा अभियानों ने दिखाया है कि भारत किसी भी प्रकार की चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है.


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  • भारत एक्सप्रेस


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