इजरायली संसद नेसेट में ट्रंप ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की तारीफ करते हुए उन्हें सख्त लेकिन महान नेता बताया. ट्रंप ने कहा कि इनसे निपटना आसान नहीं है, जो इन्हें महान बनाती है. ट्रंप ने गाजा में हुए युद्ध को लंबा और कठिन बताया, जिसका समाप्त होना एक उपलब्धि के समान है.
नेतन्याहू को सख्त प्रधानमंत्री
इजरायली सांसद में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम बेंजामिन नेतन्याहू को सख्त प्रधानमंत्री करार दिया. हल्के फुल्के अंदाज में कहा इनसे निपटना आसान नहीं. सांसदों को संबोधित करते हुए ट्रंप ने नेतन्याहू को खड़े होने के लिए कहा. इसके बाद इजरायली प्रधानमंत्री से कहा कि “उनसे निपटना आसान नहीं है… लेकिन यही बात उन्हें महान बनाती है.”
इससे पहले ट्रंप ने कहा कि हमास की कैद के दो “कष्टप्रद” वर्षों के बाद, 20 “साहसी” बंधक अपने प्रियजनों के पास लौट रहे हैं. उन्होंने कहा कि 28 अन्य (मृत) बंधक इस “पवित्र भूमि” पर विश्राम करने के लिए घर लौट रहे हैं. अमेरिका की मध्यस्थता से युद्धविराम लागू होने को ट्रंप ने ‘आतंक के युग’ का अंत बताया. ट्रंप ने घोषणा की कि युद्धविराम समझौता गाजा पर इजरायल के युद्ध के साथ-साथ “आतंक और मृत्यु के युग” का भी अंत है.
आतंक और मृत्यु के युग का अंत
नेसेट को संबोधित करते हुए, अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, “यह केवल एक युद्ध का अंत नहीं है. यह आतंक और मृत्यु के युग का अंत है और विश्वास, आशा और ईश्वर के युग की शुरुआत है. यह इजरायल और उन सभी देशों के लिए एक महान सद्भाव और स्थायी सद्भाव की शुरुआत है जो जल्द ही एक सचमुच शानदार क्षेत्र बन जाएगा. मैं इस पर दृढ़ता से विश्वास करता हूं. यह एक नए मध्य पूर्व का ऐतिहासिक उदय है.”
ट्रंप ने 7 अक्टूबर 2023 के नरसंहार को दुखदायी बताते हुए कहा कि हमें अब साथ मिलकर संकल्प लेना है कि ये दोबारा नहीं होने देंगे. इजरायली और फिलिस्तीनी दोनों के लिए अब संकट का दौर खत्म हो गया है. भविष्य सुखमय होगा और पूरे मध्य पूर्व में शांति का संचार होगा. उन्होंने आईडीएफ को शुक्रिया कहा जिसने अपनी साहस और ताकत के बूते बेहतरीन काम किया.
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-भारत एक्सप्रेस
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