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दिल्ली में मिनटों में गायब हो जाती हैं कारें! पुलिस ने बताया चोरी का पूरा तरीका

Delhi Vehicle Theft Case: दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस की एएटीएस टीम ने तकनीकी जांच और मुखबिर की सूचना के आधार पर अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश कर सात आरोपियों को गिरफ्तार किया. पुलिस ने चार चोरी की कारें, फर्जी नंबर प्लेट, ओबीडी स्कैनर और अन्य उपकरण बरामद किए, जबकि चार वाहन चोरी के मामलों का भी खुलासा हुआ.

Delhi Vehicle Theft Case

Delhi Vehicle Theft Case

Delhi Vehicle Theft Case: राजधानी दिल्ली में लगातार बढ़ रही चार पहिया वाहनों की चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस की एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वाड (एएटीएस) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने इस मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी की चार कारें, फर्जी नंबर प्लेट, रिमोट की, ओबीडी स्कैनर सहित वाहन चोरी में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण बरामद किए हैं.

तकनीकी जांच और मुखबिर की सूचना से मिली सफलता

पुलिस के अनुसार, वाहन चोरी की लगातार बढ़ती घटनाओं को देखते हुए एएटीएस टीम तकनीकी निगरानी, सीसीटीवी फुटेज, मैनुअल इंटेलिजेंस और मुखबिर तंत्र के जरिए गिरोह की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थी. जांच के दौरान पुलिस को गिरोह की पहचान करने में सफलता मिली. इसके बाद 11 जुलाई को मिली गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने जाल बिछाकर रिजवान, तालिब और सिकंदर को गिरफ्तार कर लिया. इनके साथ चोरी की गाड़ियों का रिसीवर काशिफ भी पुलिस के हत्थे चढ़ गया, जिसके कब्जे से एक चोरी की कार बरामद हुई.

पूछताछ के बाद कई राज्यों में छापेमारी

गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में पुलिस को गिरोह के अन्य सदस्यों और चोरी के वाहनों के नेटवर्क की महत्वपूर्ण जानकारी मिली. इसके आधार पर पुलिस टीम ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर और महाराष्ट्र के मुंबई में लगातार छापेमारी की. इस अभियान के दौरान मुंबई के बांद्रा से कुनाल जायसवाल और दिल्ली के शाहीन बाग से इरफान अहमद को भी गिरफ्तार कर लिया गया.

चोरी की गाड़ियों के पुर्जे बेचने का खुलासा

जांच में सामने आया कि आरोपी इरफान अहमद चोरी की गाड़ियों को खरीदकर उनके पुर्जे अलग-अलग कर बाजार में बेचता था. वहीं काशिफ चोरी की कारों को दिल्ली के अलावा मुंबई और जोधपुर तक सप्लाई करने का काम करता था. पुलिस का मानना है कि गिरोह संगठित तरीके से कई राज्यों में वाहन चोरी और अवैध कारोबार चला रहा था.

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बड़ी मात्रा में सामान बरामद

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चार चोरी की कारें, पांच जोड़ी फर्जी नंबर प्लेट, दस रिमोट की, एक ओबीडी स्कैनर और वाहन चोरी में इस्तेमाल होने वाले अन्य उपकरण बरामद किए हैं. इस कार्रवाई से पालम विलेज, आदर्श नगर, रानी बाग और केशव पुरम थाना क्षेत्रों में दर्ज वाहन चोरी के चार मामलों का भी खुलासा हुआ है.

पूरे नेटवर्क की जांच जारी

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरोह के कई सदस्य पहले भी वाहन चोरी के मामलों में शामिल रह चुके हैं. फिलहाल पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है और संभावना है कि पूछताछ के दौरान चोरी के अन्य मामलों तथा गिरोह से जुड़े कई और सदस्यों का भी खुलासा हो सकता है. दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस की इस कार्रवाई को राजधानी में वाहन चोरी के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है.

भारत एक्सप्रेस



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