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बांग्लादेश में छात्र राजनीति पर ब्रेक! ढाका विश्वविद्यालय के छात्रावासों में छात्र राजनीति पर लगी रोक

Bangladesh: प्रदर्शनकारी छात्रों ने कैंपस की विभिन्न सड़कों पर मार्च किया और नारे लगाए “वन टू थ्री फोर, हॉल पॉलिटिक्स नो मोर” तथा “हॉल पॉलिटिक्स चलबे ना चलबे ना” (हॉल राजनीति नहीं चलेगी). कुछ छात्रों ने छात्रावास के गेटों के ताले तोड़कर प्रदर्शन में शामिल हुए.

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Bangladesh: बांग्लादेश में ढाका विश्वविद्यालय (डीयू) के कई छात्रों ने शनिवार को जोरदार विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें जातीयतावादी छात्र दल (जेसीडी) के आठ छात्रों की छात्रावास समिति में नियुक्ति को रद्द करने की मांग की गई. जेसीडी, बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) का छात्र संगठन है.

प्रदर्शनकारी छात्रों ने कैंपस की विभिन्न सड़कों पर मार्च किया और नारे लगाए “वन टू थ्री फोर, हॉल पॉलिटिक्स नो मोर” तथा “हॉल पॉलिटिक्स चलबे ना चलबे ना” (हॉल राजनीति नहीं चलेगी). कुछ छात्रों ने छात्रावास के गेटों के ताले तोड़कर प्रदर्शन में शामिल हुए. बाद में, उन्होंने कुलपति (वीसी) के आवास के बाहर धरना दिया.

VC ने की प्रतिबंध की घोषणा

बढ़ते विरोध के बीच, वीसी ने छात्रावासों में छात्र राजनीति पर प्रतिबंध की घोषणा करते हुए कहा, “छात्र राजनीति पर प्रतिबंध 17 जुलाई के ढांचे के अनुसार लगाया गया है.”

विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर सैफुद्दीन अहमद ने मीडिया को बताया,

“निर्णय यह है कि हॉल स्तर पर कोई छात्र राजनीति नहीं होगी. वे केंद्रीय स्तर पर, मधुर कैंटीन में ऐसा कर सकते हैं, लेकिन हम किसी छात्र संगठन को मजबूर नहीं कर सकते कि वह इसे रद्द करे. 17 जुलाई को जो प्रतिबंध लगाया गया था, वह लागू रहेगा.”

शनिवार को प्रावोस्ट स्टैंडिंग कमेटी की होगी बैठक

उन्होंने कहा कि नियमों के उल्लंघन को लेकर शनिवार को प्रावोस्ट स्टैंडिंग कमेटी की बैठक होगी और उसके बाद उन छात्र संगठनों से भी बातचीत की जाएगी जिनके नाम सामने आए हैं.

डीयू छात्र दल ने नई समितियों के गठन की घोषणा की थी

शुक्रवार को डीयू छात्र दल ने विश्वविद्यालय के 18 आवासीय हॉल के लिए नई समितियों के गठन की घोषणा की थी, जिसे डीयू छात्र दल के अध्यक्ष गणेश चंद्र राय साहोस और महासचिव नाहिदुज्जमान शिपोन ने मंजूरी दी थी. यह कदम हॉल-आधारित राजनीति के खिलाफ व्यापक विरोध के बावजूद उठाया गया.

स्थानीय मीडिया के अनुसार, इन समितियों का गठन जमीनी स्तर पर संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने और भविष्य की राजनीतिक गतिविधियों की तैयारी के तहत किया गया है, जिसमें डीयू केंद्रीय छात्र संघ चुनाव शामिल हैं.

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शेख हसीना को सत्ता से हटाने में निभाई थी अहम भूमिका

हाल के महीनों में बांग्लादेश में मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के दौरान छात्र आंदोलनों में तेजी देखी गई है, जिसमें प्रतिद्वंद्वी छात्र समूहों के बीच टकराव भी शामिल है. ये छात्र पहले यूनुस के साथ मिलकर पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के नेतृत्व वाली आवामी लीग की लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित सरकार को हटाने में शामिल थे.

– भारत एक्सप्रेस



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