Bharat Express DD Free Dish

इस्लामिक मुल्कों के साथ क्या गुल खिला रहे हैं डोनाल्ड ट्रंप? PAK के दोस्त पर मेहरबान; व्हाइट हाउस में खातिरदारी

US Turkey relations: दुनिया में तेजी से बदल रहे हालातों के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी लगातार बदल रहे हैं. अब उन्होंने पाकिस्तान के दोस्त तुर्की को पर रहम का संकेत दिया है. आइये जानें क्या है पूरा मामला?

US Turkey relations

US Turkey relations: वैश्विक राजनीति में जारी नाटकीय बदलाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेचर में भी नाटकीय बदलाव हो रहा है. अब वह पाकिस्तान के करीबी दोस्त तुर्की पर ‘बड़ा रहम’ दिखाने की तैयारी में हैं. यह महत्वपूर्ण कदम पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर की व्हाइट हाउस में मेजबानी के तुरंत बाद आया है. माना जा रहा है कि डोनाल्ड ट्रंप, तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन से भी मुलाकात करेंगे. डोनाल्ड ट्रंप ने अपने एक और दांव से दुनिया को चौंका दिया है. इस बार उन्होंने पाकिस्तान के दोस्त तुर्की को साधने की कोशिश की है.

डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत (Donald Trump new foreign policy) दिया है कि रूस से S-400 वायु रक्षा प्रणाली खरीदने के कारण अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों को हटाया जा सकता है. इसके साथ ही अत्याधुनिक F-35 लड़ाकू विमानों की बिक्री पर लगी रोक भी हट सकती है. यह फैसला दोनों देशों के बीच संबंधों में नई गर्मजोशी की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है.

2019 में विमान कार्यक्रम से निकाला (Donald Trump Conction With Islamic Countries)

अमेरिका ने 2019 में तुर्की को अपने प्रमुख F-35 लड़ाकू विमान कार्यक्रम से बाहर कर दिया था. क्योंकि तुर्की ने रूस से एक वायु रक्षा प्रणाली खरीदी थी. अमेरिकी अधिकारियों को चिंता थी कि तुर्की द्वारा रूस की S-400 सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली का इस्तेमाल F-35 की क्षमताओं पर डेटा इकट्ठा करने के लिए किया जा सकता है और यह जानकारी रूस के हाथों में जा सकती है.

ये भी पढ़ें: फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति को 5 साल जेल, क्या है मोहम्मद गद्दाफी के साथ हुई ‘सीक्रेट डील’?

डोनाल्ड ट्रंप की तुर्की के साथ मुलाकात (Donald Trump Erdogan meeting)

पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर की व्हाइट हाउस में खातिरदारी (Pakistan Turkey alliance) करने के बाद अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन से मुलाकात करेंगे. 2019 के बाद यह पहला मौका होगा जब एर्दोगन व्हाइट हाउस जा रहे हैं. इस मुलाकात को अमेरिका-तुर्की के बीच संबंधों के नए दौर की तरह देखा जा रहा है.

क्या है तुर्की की मांग?

एर्दोगन ने स्पष्ट कर दिया है कि वह F-35 विमानों पर से रोक हटते देखना चाहते हैं. तुर्की अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने इन विमानों के लिए पहले ही 1.4 अरब डॉलर का भुगतान कर दिया है. ट्रंप ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “हम राष्ट्रपति के साथ कई व्यापार और सैन्य सौदों पर काम कर रहे हैं, जिसमें बोइंग विमानों की बड़े पैमाने पर खरीद, एक प्रमुख एफ-16 सौदा और एफ-35 बातचीत को जारी रखना शामिल है, जिसके सकारात्मक रूप से समाप्त होने की हमें उम्मीद है.”

ये भी पढ़ें: ‘बांग्लादेश को भारत से दिक्कत, क्योंकि…’, मोहम्मद यूनुस ने UNGA में उगला जहर

पाकिस्तान के साथ भी मजबूत हो रहे रिश्ते

गुरुवार को ही व्हाइट हाउस में ट्रंप और पाकिस्तान पीएम शहबाज शरीफ की भी मुलाकात (Shehbaz Sharif Donald Trump meeting) होनी है. यह मुलाकात दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते पर सहमति बनने के कुछ हफ़्ते बाद हो रही है. हाल के महीनों में ट्रंप के शासनकाल में अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों में गर्मजोशी आई है, जबकि वॉशिंगटन वर्षों से पाकिस्तान के प्रतिद्वंद्वी भारत को एशिया में चीन के प्रभाव का प्रतिकार मानता रहा है.

तुर्की ने ऑपरेशन सिंदूर में की थी पाकिस्तान की मदद

डोनाल्ड ट्रंप का यह कदम अमेरिका-तुर्की संबंधों के एक नए दौर की ओर इशारा करता है. खासकर जब तुर्की को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की मदद करने के कारण भारत के साथ संबंधों में खटास आ गई थी. अमेरिकी अधिकारियों ने पहले तुर्की के मानवाधिकार रिकॉर्ड और रूस के साथ उसके संबंधों पर चिंता व्यक्त की थी, लेकिन ट्रंप ने अब “व्यापार और सैन्य सौदों” को आगे बढ़ाने की इच्छा व्यक्त की है. यह निर्णय वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक समीकरणों को बदल सकता है.



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read