अमेरिकी अरबपति और टेस्ला के सीईओ एलन मस्क (Elon Musk) ने अमेरिका के नाटो (Nato) और संयुक्त राष्ट्र (United Nations) से बाहर निकलने के विचार का समर्थन किया है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस मुद्दे पर अपनी सहमति जताई.
मस्क ने अपना रुख ऐसे समय में जाहिर किया है जब यूक्रेन युद्ध के चलते अमेरिका और यूरोपीय देशों के बीच मतभेद बढ़ रहे हैं. हाल ही में वाशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली.
इसी दौरान राजनीतिक विश्लेषक और एमएजीए कार्यकर्ता गुंथर ईगलमैन ने X पर पोस्ट किया, “अमेरिका को अब नाटो और यूएन से बाहर आ जाना चाहिए.” रिपब्लिकन सीनेटर माइक ली भी इस विचार का समर्थन कर चुके हैं. इस पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए एलन मस्क ने लिखा, “मैं सहमत हूं.”
I agree https://t.co/ZhjBXCTQfp
— Elon Musk (@elonmusk) March 2, 2025
पहले भी उठा चुके हैं सवाल
यह पहली बार नहीं है जब मस्क ने अमेरिका की नाटो सदस्यता पर सवाल उठाया है. पहले भी उन्होंने इसे शीत युद्ध के बाद अप्रासंगिक बताया था. मस्क का कहना है कि अमेरिकी करदाताओं को यूरोप की सुरक्षा के लिए अनावश्यक रूप से भारी खर्च उठाना पड़ता है. उनके मुताबिक, अमेरिका नाटो के 67% सैन्य खर्च का भुगतान करता है, जबकि उसकी जीडीपी का सिर्फ 3.5% ही रक्षा पर खर्च होता है.
डोनाल्ड ट्रंप ने भी कई मौकों पर नाटो की आलोचना की है. उन्होंने कहा कि अमेरिका यूरोपीय सुरक्षा के लिए अनुचित वित्तीय बोझ उठा रहा है. ट्रंप ने नाटो से बाहर निकलने की धमकी भी दी थी.
मस्क का संयुक्त राष्ट्र पर भी तंज
फरवरी में, सीनेटर माइक ली ने यूएन से पूरी तरह अलग होने का प्रस्ताव रखा था. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र को ‘तानाशाहों का मंच’ करार दिया था और कहा था कि यह युद्ध, नरसंहार, मानवाधिकार उल्लंघन और महामारी रोकने में नाकाम रहा है.
एलन मस्क ने भी तब इस विचार का समर्थन करते हुए कहा था, “अमेरिका संयुक्त राष्ट्र और इससे जुड़ी संस्थाओं पर जरूरत से ज्यादा खर्च करता है.”
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.




