दुनिया भर में तेल संकट के बीच बड़ी खबर
Strait of Hormuz: ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच फरवरी 2026 से चल रहे युद्ध के कारण होर्मुज स्ट्रेट का रास्ता अधिकतर देशों के लिए बंद है. इस वजह से दुनिया भर में तेल और गैस की कमी हो गई है. ईरान ने सिर्फ अपने मित्र देशों के जहाजों को ही गुजरने की इजाजत दी है. अब पहली बार एक फ्रांसीसी कंपनी का कंटेनर जहाज इस समुद्री मार्ग से निकला है. ऐसा तब हुआ है, जब फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों की डोनाल्ड ट्रंप से हाल में ही तूतू-मैंमैं हो गई थी.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फ्रांस के जहाज का नाम सीएमए सीजीएम क्रिबी है. यह माल्टीज ध्वज के साथ चलता है. 2 अप्रैल 2026 को दुबई के पास से रवाना हुआ और ईरान के किश व लारक द्वीपों के बीच से होकर पूर्व दिशा में गुजरा. जहाज भारत, मध्य पूर्व और अफ्रीका को जोड़ने वाली सेवा का हिस्सा है. इसका रूट अफ्रीका का पॉइंट-नोयर है. युद्ध शुरू होने के बाद मार्च से यह जहाज खाड़ी क्षेत्र में फंसा हुआ था.

क्या ईरान ने फ्रांस को इनाम दिया?
ईरान ने इस जहाज को गुजरने की अनुमति इसलिए दी है, क्योंकि फ्रांस ने जंग में अमेरिका की मदद करने से मना कर दिया. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप से साफ कहा कि फ्रांस इस युद्ध में साथ नहीं दे सकता. ईरान इसे मैक्रों का इनाम मान रहा है. इससे पहले चीन से जुड़े जहाज ही इस रास्ते से गुजर पाए थे.
ईरान की नई योजना: वसूलेगा टोल
ईरान अब ओमान के साथ एक प्रोटोकॉल बनाने जा रहा है ताकि जहाजों का सुरक्षित गुजरना सुनिश्चित हो. ईरान हर बैरल तेल पर लगभग एक डॉलर का टोल वसूलने की योजना बना रहा है. जहाजों को इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से जुड़े मध्यस्थों को पूरी जानकारी देनी होगी. भुगतान चीनी युआन या स्टेबलकॉइन में भी हो सकता है.

होर्मुज बंद होने का दुनिया पर असर
होर्मुज स्ट्रेट में चल रही मारा-मारी के कारण बहुत-सारे देशों को तेल और गैस नहीं उपलब्ध हो पा रही. मगर, आज फ्रांस का शिप यहां से गुजरने के कारण उसके वैश्विक व्यापार को कुछ राहत मिल सकती है. लेकिन ईरान अभी भी रास्ते को पूरी तरह नहीं खोल रहा है. सिर्फ चीन, पाक, रूस और भारत को ही फायदा हो रहा है.
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

