PM Modi In China: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 7 साल बाद चीन के दौरे पर हैं. वे तियानजिन शहर में हो रही शंघाई सहयोग संगठन (SCO) समिट में हिस्सा ले रहे हैं. इस समिट के दौरान SCO देशों के नेताओं का ग्रुप फोटो सेशन आयोजित किया गया. SCO रूस, चीन और भारत की अगुवाई वाला एक महत्वपूर्ण बहुपक्षीय मंच है, जहां क्षेत्रीय सुरक्षा, आर्थिक सहयोग और वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा होती है.
पीएम मोदी ने चीन की SCO अध्यक्षता का समर्थन व्यक्त किया और तियानजिन में हो रहे शिखर सम्मेलन की सफलता की कामना की. भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, इस समिट के इतर पीएम मोदी की कई द्विपक्षीय मुलाकातें हुईं, जो भारत की विदेश नीति की मजबूती को दर्शाती हैं.
#WATCH तियानजिन, चीन: प्रधानमंत्री मोदी की चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय बैठक पर विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा, “प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति शी को 2026 में भारत द्वारा आयोजित BRIC शिखर सम्मेलन में आमंत्रित किया। राष्ट्रपति शी ने निमंत्रण के लिए प्रधानमंत्री का… pic.twitter.com/L3Eoj6YAFJ
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 31, 2025
पीएम मोदी-जिनपिंग की मुलाकात
SCO समिट के दौरान पीएम मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक हुई. इस बैठक में दोनों नेताओं ने जोर देकर कहा कि भारत और चीन प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि साझेदार हैं. शी जिनपिंग ने स्पष्ट रूप से कहा कि भारत और चीन के लिए दोस्त बनना ही सही विकल्प है. उन्होंने जोर दिया कि दोनों देशों को सीमा विवाद को अपने आपसी रिश्तों की पहचान नहीं बनने देना चाहिए. विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि दोनों नेता अपने-अपने घरेलू विकास पर केंद्रित हैं और इस प्रक्रिया में उन्हें एक-दूसरे का साथी बनना चाहिए. मतभेदों को विवाद में नहीं बदलना चाहिए, बल्कि स्थिर और मित्रतापूर्ण संबंधों को बढ़ावा देना चाहिए, जो दोनों देशों के 2.8 अरब लोगों के लिए लाभकारी साबित होंगे. यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब दोनों देशों के बीच सीमा पर तनाव की खबरें आती रहती हैं, लेकिन इस बैठक ने सकारात्मक संदेश दिया है.

BRICS और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा
बैठक के दौरान पीएम मोदी ने शी जिनपिंग को 2026 में भारत द्वारा आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन के लिए आमंत्रित किया. राष्ट्रपति शी ने इस निमंत्रण के लिए धन्यवाद दिया और भारत की BRICS अध्यक्षता के लिए चीन का पूर्ण समर्थन देने की पेशकश की. विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा कि बहुपक्षीय मंचों सहित क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर गहन चर्चा हुई. SCO की चीन की वर्तमान अध्यक्षता पर भारत का समर्थन जताया गया. यह चर्चा वैश्विक चुनौतियों जैसे जलवायु परिवर्तन, व्यापार और सुरक्षा पर केंद्रित थी. BRICS और SCO जैसे मंच भारत-चीन संबंधों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं. इस मुलाकात से दोनों देशों के बीच सहयोग की नई संभावनाएं खुली हैं, जो एशियाई क्षेत्र की स्थिरता के लिए जरूरी हैं.

भारत-म्यांमार के बीच साझेदारी
SCO समिट के इतर पीएम मोदी की म्यांमार के स्टेट सिक्योरिटी एंड पीस कमीशन के चेयरमैन सीनियर जनरल मिन आंग ह्लाइंग से भी मुलाकात हुई. विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने बताया कि पीएम मोदी ने म्यांमार में चुनावों की घोषणा का स्वागत किया और कहा कि वहां शांति और स्थिरता स्थापित करने का एकमात्र रास्ता संवाद है. भारत अपनी ‘नेबरहुड फर्स्ट’ और ‘एक्ट ईस्ट’ नीतियों के तहत म्यांमार के साथ संबंधों को अत्यधिक महत्व देता है. बैठक में भारत-म्यांमार के बीच विकास साझेदारी पर बल दिया गया. पीएम मोदी ने जारी संपर्क परियोजनाओं के लिए म्यांमार के सहयोग का अनुरोध किया. सुरक्षा और सीमा संबंधी मुद्दों पर भी चर्चा हुई, जिसमें दोनों देशों के बीच सीमा प्रबंधन और व्यापार को मजबूत बनाने पर फोकस रहा. पीएम ने दोहराया कि म्यांमार में स्थायी शांति सुनिश्चित करने के लिए संवाद सबसे उपयुक्त माध्यम है. यह मुलाकात भारत की दक्षिण पूर्व एशिया में सक्रिय भूमिका को रेखांकित करती है.
#WATCH तियानजिन, चीन: विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा, “प्रधानमंत्री यहां आयोजित हो रहे SCO शिखर सम्मेलन के लिए तियानजिन की यात्रा पर हैं… आज सुबह प्रधानमंत्री का पहला कार्यक्रम चीनी जनवादी गणराज्य के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय बैठक थी। हमने उस बैठक पर एक बयान जारी… pic.twitter.com/zsI8I2x0ST
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 31, 2025
विदेश मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ्रेंस
विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इन मुलाकातों की विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने कहा कि भारत-चीन संबंधों में सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत है. म्यांमार के साथ चर्चा में विकास और शांति पर जोर दिया गया. इन मुलाकातों से भारत की विदेश नीति की सफलता झलकती है, जो बहुपक्षीय सहयोग और द्विपक्षीय संबंधों पर आधारित है. SCO समिट जैसे मंच भारत को वैश्विक पटल पर मजबूत बनाने में मदद कर रहे हैं. कुल मिलाकर, पीएम मोदी की यह यात्रा एशियाई क्षेत्र में शांति और विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है.
यह भी पढ़िए: India-China Relations से 2.8 अरब लोगों को फायदा, पूरी मानवता के कल्याण का रास्ता खुलेगा: चीन में बोले PM मोदी
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.



