संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की ओपन डिबेट में इस बार भारत ने पाकिस्तान की ऐसी बखिया उधेड़ी है, जिसकी गूंज पूरी दुनिया में सुनाई दे रही है. यूनाइटेड नेशंस में भारत के परमानेंट रिप्रेजेंटेटिव (स्थायी प्रतिनिधि) पर्वतनेनी हरीश ने अफ़ग़ानिस्तान के मुद्दे पर बोलते हुए पाकिस्तान को उसके ‘दोगलेपन’, ‘ट्रेड टेररिज्म’ और निर्दोष अफ़ग़ानियों के नरसंहार पर सरेआम धो डाला. एक तरफ जहां भारत ने अफ़ग़ानिस्तान में अपने 500 से ज़्यादा विकास प्रोजेक्ट्स का सीना ठोककर जिक्र किया, वहीं पाकिस्तान के हवाई हमलों की पोल खोलकर उसे दुनिया के सामने ‘खलनायक’ साबित कर दिया.
‘रमजान में बम गिराना दोगलेपन की इंतहा…’ (Parvathaneni Harish UNSC speech)
भारत ने UNAMA की रिपोर्ट का हवाला देते हुए पाकिस्तान द्वारा अफ़ग़ानिस्तान में किए जा रहे हवाई हमलों (Airstrikes) पर सबसे करारा प्रहार किया. पर्वतनेनी हरीश ने तल्ख लहजे में कहा कि इस साल के पहले तीन महीनों में ही 372 आम लोग मारे गए हैं. सबसे ज्यादा हमले रमज़ान के पवित्र महीने में हुए हैं. भारत ने दो-टूक कहा, “किसी नरसंहार को मिलिट्री ऑपरेशन का रूप देना अपराधी को बरी नहीं करता. इस्लामिक एकता के ऊंचे उसूलों की बात करते हुए, रमजान के पवित्र महीने में बेरहमी से एयर स्ट्राइक करना पाकिस्तान के दोगलेपन का सबसे अच्छा उदाहरण है.”
भारत का ‘फ्री वीजा’ मास्टरस्ट्रोक
भारत ने पाकिस्तान की उस कायराना हरकत का भी भंडाफोड़ किया, जिसमें वह लैंडलॉक्ड (चारों तरफ जमीन से घिरे) अफ़ग़ानिस्तान को व्यापार के लिए रास्ता नहीं दे रहा है. भारत ने इसे सीधे तौर पर ‘ट्रेड और ट्रांज़िट टेररिज़्म’ करार दिया और इसे WTO नियमों का खुला उल्लंघन बताया. अफ़ग़ान व्यापारियों को इस पाकिस्तानी साजिश से बचाने के लिए भारत ने उन्हें सैकड़ों फ्री लॉन्ग-टर्म बिज़नेस वीज़ा देने का बड़ा और ऐतिहासिक ऐलान किया है.
अफगानिस्तान का ‘सच्चा मसीहा’ है भारत
अपने बयान में भारत ने साफ किया कि अफ़ग़ानिस्तान के साथ हमारे रिश्ते सदियों पुराने हैं. भारत 34 प्रांतों में 500 से ज़्यादा डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स चला रहा है, जिनमें गंभीर जन्मजात दिल की बीमारियों से पीड़ित अफ़गान बच्चों का भारत में इलाज और ग्रामीण इलाकों (पक्तिका, खोस्त, पक्तिया) में मैटरनिटी क्लीनिक का निर्माण शामिल हैं. इसके साथ ही इसमें काबुल में ऑन्कोलॉजी (कैंसर) और ट्रॉमा सेंटर बनाना भी शामिल है. इसके अलावा, पाकिस्तान द्वारा ज़बरदस्ती अफ़ग़ान शरणार्थियों को वापस खदेड़े जाने से अफ़गान इकॉनमी पर पड़े बोझ को कम करने के लिए भी भारत UN एजेंसियों के साथ मिलकर घर और खाने का इंतजाम कर रहा है.
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पाकिस्तान की पुरानी आदत
अपने बयान का अंत करते हुए पर्वतनेनी हरीश ने पूरी दुनिया को आगाह किया कि अपनी नाकामियों के लिए पड़ोसियों को दोष देना पाकिस्तान की ‘पुरानी और गंदी आदत’ है. पाकिस्तान अब UNAMA की रिपोर्ट और उसकी सच्चाई पर ही सवाल उठा रहा है, लेकिन दुनिया को धोखा देने की उसकी यह कोशिश कभी कामयाब नहीं होगी. भारत के इस कड़क बयान ने UN में पाकिस्तान को पूरी तरह से बैकफुट पर धकेल दिया है.
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