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लड़कों को पकड़ने वाली घटना ने उठाए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सवाल, मानवाधिकारों पर चिंता

इंडोनेशिया के आचे प्रांत में शरिया कानून के तहत दो लड़कों को समलैंगिक संबंध के आरोप में सार्वजनिक रूप से कोड़े मारे गए. इस घटना ने मानवाधिकार संगठनों में हंगामा मचा दिया है.

इंडोनेशिया के रूढ़िवादी प्रांत आचे में दो लड़कों को समलैंगिक संबंध के आरोप में सार्वजनिक रूप से 76-76 कोड़े मारे गए. यह घटना मानवाधिकारों और शरिया कानून को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गई है. आचे प्रांत, जहां केवल शरिया कानून लागू है, दुनिया में समलैंगिक यौन संबंधों को गैरकानूनी मानने वाला एकमात्र क्षेत्र है.

पुलिस के अनुसार, दोनों लड़कों को अप्रैल महीने में बांदा आचे के एक पार्क के सार्वजनिक शौचालय में एक साथ पाया गया था. शरिया पुलिस प्रमुख रोसलीना ए. जलील ने बताया कि स्थानीय नागरिकों ने संदिग्ध गतिविधि देखी और पुलिस को इसकी सूचना दी. जांच के बाद, दोनों लड़कों को अदालत में पेश किया गया और समलैंगिक संबंध को नैतिक अपराध मानते हुए 76 कोड़े मारने की सजा सुनाई गई.

इस दौरान, लड़कों को एक भीड़ के सामने खड़ा किया गया और प्रत्येक को 76 बार कोड़े मारे गए, जबकि अन्य आठ लोगों को अलग-अलग नैतिक अपराधों के लिए कोड़े मारे गए. यह घटना वहां के शरिया कानून की कठोरता को दर्शाती है, जो केवल मुसलमानों पर ही नहीं बल्कि गैर-मुसलमानों पर भी लागू होता है.

मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल ने जताई कड़ी आपत्ति

इस घटना पर मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल ने कड़ी आपत्ति जताई है. संगठन ने कहा कि शरिया कानून के तहत ऐसी सजा मानवाधिकारों का उल्लंघन है और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार किसी भी व्यक्ति को समान यौन रुचि के आधार पर दंडित नहीं किया जाना चाहिए. एमनेस्टी ने आचे प्रांत में शरिया अदालतों की सजा प्रक्रिया की आलोचना करते हुए इसे अत्यंत अमानवीय और शोषणपूर्ण बताया.

विशेषज्ञों का मानना है कि इंडोनेशिया में दुनिया की सबसे अधिक मुस्लिम आबादी होने के बावजूद, आचे जैसे प्रांतों में लागू कठोर शरिया कानून देश की छवि और मानवाधिकारों के मापदंडों के लिए चुनौती बनते हैं. अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने बार-बार ऐसे मामलों में हस्तक्षेप की अपील की है, लेकिन स्थानीय प्रशासन इसे धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का हिस्सा मानता है.

मानवाधिकार कार्यकर्ता इस घटना को न केवल आचे प्रांत में बल्कि पूरे विश्व में समलैंगिक अधिकारों के खिलाफ चेतावनी के रूप में देख रहे हैं. उन्होंने सरकार से अपील की है कि इस प्रकार के कठोर दंड को तुरंत समाप्त किया जाए और समलैंगिक व्यक्तियों को समान अधिकार और सुरक्षा प्रदान की जाए.

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