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डॉलर को ठेंगा, चीनी करेंसी में सौदा! 60 दिनों की छूट मिलते ही ईरान ने 30 लाख बैरल तेल बेचकर सऊदी को धोया

अमेरिका से मिली 60 दिनों की अस्थाई छूट के बाद ईरान ने अंतरराष्ट्रीय मार्केट में सऊदी अरब और यूएई को पीछे छोड़ दिया है. ईरान हर बैरल पर 5 डॉलर का डिस्काउंट देकर बिचौलियों के जरिए $70 प्रति बैरल के भाव पर तेल बेच रहा है.

Iran Crude Oil Discount Sells 50 Million Barrels Oil In 15 Days Outpaces Saudi UAE

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Iran Crude Oil Discount: अमेरिका के साथ हुई एक हालिया डील और होर्मुज नाकाबंदी खत्म होने के बाद ईरान ने कच्चे तेल के बाजार में तहलका मचा दिया है. सऊदी अरब और UAE जैसे बड़े तेल उत्पादक देशों को पछाड़ने के लिए ईरान ने एक आक्रामक दांव खेला है. उसने कच्चे तेल के हर बैरल पर सीधे 5 डॉलर का भारी डिस्काउंट दे दिया है. इस डिस्काउंट फॉर्मूले का असर यह हुआ कि ईरान ने महज 15 दिनों के भीतर 50 मिलियन बैरल तेल बेच डाला, जिससे उसने करीब 3.5 अरब डॉलर की मोटी कमाई की है.

रोजाना 3 मिलियन बैरल से ज्यादा की बिक्री

‘टैंकर्स ट्रैकर्स’ की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान इस समय रोजाना औसतन 3 मिलियन बैरल से ज्यादा कच्चा तेल बेच रहा है. इसकी तुलना में सऊदी अरब और यूएई जैसे दिग्गज देश फिलहाल प्रतिदिन केवल 1 से 2 मिलियन बैरल तेल ही बेच पा रहे हैं. ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर कालिबफ ने भी इस रफ्तार की पुष्टि की है. दरअसल, अमेरिकी डील के तहत ईरान को अस्थाई तौर पर केवल 60 दिनों के लिए तेल बेचने की छूट मिली है. यही वजह है कि ईरान इन 60 दिनों का पूरा फायदा उठाकर अपनी चरमराई आर्थिक स्थिति को सुधारने में जुटा है.

चीनी करेंसी से बदला खेल

ईरानी मीडिया के अनुसार, ईरान ने यह सारा तेल अमेरिकी डॉलर के बजाय चीनी करेंसी यानी की युआन में बेचा है, ताकि उसे भविष्य में अमेरिका पर निर्भर न रहना पड़े. यह तेल मुख्य रूप से ईरान के खार्ग आइलैंड से सप्लाई किया जा रहा है, जो होर्मुज जलडमरूमध्य के पास स्थित उसका सबसे प्रमुख ऑयल टर्मिनल है.

वहीं, रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान इस तेल को सीधे बेचने के बजाय बिचौलियों के जरिए एशियाई देशों की बड़ी तेल कंपनियों तक पहुंचा रहा है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में जहां कच्चे तेल की कीमत 76 डॉलर प्रति बैरल के आसपास थी, वहीं ईरान बिचौलियों की मदद से इसे महज 70 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर बेच रहा है.

बता दें कि अमेरिकी प्रतिबंधों से पहले ईरान को प्रतिदिन 4 मिलियन बैरल तेल बेचने की अनुमति थी, लेकिन कड़े प्रतिबंधों के कारण चीन को छोड़कर लगभग सभी देशों ने उससे तेल खरीदना बंद कर दिया था. अब इस अस्थाई छूट का ईरान जमकर फायदा उठा रहा है.

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-भारत एक्सप्रेस



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