US Israel Iran conflict: अमेरिका ने जब होर्मुज की नाकाबंदी का ऐलान किया, तो उसे लगा था कि ईरान दबाव में आ जाएगा. लेकिन पहले ही दिन ईरान ने अमेरिका को चौंका दिया. करीब 20 जहाज अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी में होर्मुज से गुजर गए. इनमें चीन और लाइबेरिया के जहाज शामिल थे. अमेरिका के 10 हजार सैनिक भी इन्हें रोक नहीं पाए.
ट्रंप ने क्या कहा?
इस घटनाक्रम के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि युद्ध जल्द ही खत्म हो सकता है. उनका यह बयान संकेत देता है कि अमेरिका दबाव में है और समाधान की तलाश कर रहा है.
चीन का समर्थन
ईरान ने चीन के जहाजों को पहले केशम द्वीप पर ले जाकर फिर सुरक्षित तरीके से होर्मुज से बाहर भेजा. अमेरिका चीनी जहाजों पर हमला करने से बच रहा है क्योंकि चीन ने चेतावनी दी है कि अगर उसके जहाजों को निशाना बनाया गया तो वह साउथ चाइना सी में कड़ा कदम उठाएगा. दुनिया के एक-तिहाई व्यापार का रास्ता इसी समुद्री क्षेत्र से होकर गुजरता है, इसलिए अमेरिका जोखिम नहीं उठा रहा.
कैसे हुआ खेल?
ईरान ने जहाजों के प्रस्थान स्थान में बदलाव कर अमेरिका को और उलझा दिया. उदाहरण के तौर पर ALICIA नामक जहाज को इराक से माल उठाना दिखाया गया, लेकिन वास्तव में उसने ईरान से सामान लिया. इस तरह अमेरिका सीधे ईरानी जहाजों पर हमला नहीं कर पा रहा है.
अमेरिका की लगातार नाकामी
जंग की शुरुआत में अमेरिका ने ईरान में तख्तापलट कराने की कोशिश की लेकिन ईरान ने अपने सैन्य ढांचे को स्थानीय स्तर पर बांटकर यह प्रयास विफल कर दिया. मिसाइल सिस्टम को भी अमेरिका नष्ट नहीं कर पाया. बातचीत की कोशिशों में भी ईरान ने अपनी शर्तें थोप दीं.
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ईरान की रणनीति का असर
ईरान ने चीन के सहयोग और लोकेशन बदलने जैसी रणनीतियों से अमेरिका की नाकाबंदी को बेअसर कर दिया है. अमेरिका बार-बार कोशिश कर रहा है लेकिन हर बार ईरान उसे मात दे रहा है. यही वजह है कि अब अमेरिका बातचीत और युद्ध खत्म करने की बात कर रहा है.
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-भारत एक्सप्रेस
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