ईरान की तरफ से लड़ने आ गए हूती और हिजबुल्ला (AI IMAGE)
Iran Israel War: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहा युद्ध अपने चौथे हफ्ते में प्रवेश कर चुका है. 28 फरवरी से शुरू हुए इस युद्ध में अबतक 4500 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं. वहीं 32 लाख से अधिक लोग बेघर हो गए हैं. अमेरिका और इजरायल लगातार ईरान पर हमले कर रहे हैं. अब अमेरिका ईरान पर अंतिम वार करने के लिए ईरान की जमीन पर सेना उतारने जा रहा है. इसके लिए करीब 3500 सैनिक मध्य पूर्व इलाके में पहुंच गए हैं.
उधर इरान को घिरता देख यमन के हूती विद्रोही उसकी मदद के लिए आगे आ चुके हैं. इस सशस्त्र शिया उग्रवादी समूह ने ईरान के पक्ष में इजरायल पर हमला बोल दिया है. यह हूती विद्रोहियों का इजरायल पर दूसरा सबसे बड़ा हमला था.
क्रूज मिसाइलों से इजरायली ठिकानों पर हमला
शनिवार को हूती समूहों ने बताया कि उन्होंने इजरायल पर मिसाइल और ड्रोन से बड़ा हमला किया. उन्होंने कहा कि इजरायल जबतक ईरान पर अपनी कार्रवाई नहीं बंद करता तबतक वो लगातार हमला करेंगे. अपने बयान में उन्होंने आगे कहा कि दक्षिणी इजरायल में मौजूद उसके अहम ठिकानों को क्रूज मिसाइलों और ड्रोनों से हमला किया.
ईरान और इजरायल के बीच जंग बढ़ने का खतरा
ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के इजरायल पर इन हमलों की वजह से ईरान और इजरायल के बीच जंग बढ़ने का खतरा बढ़ गया है.
उधर ईरान पर अमेरिका ने अपना अंतिम दांव खेलने की कवायद शुरू कर दी है. वाशिंगटन ने एक महीने से चल रहे इस युद्ध में हजारों सैनिकों को मध्यपूर्व में उतार दिया है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक मध्य पूर्व में जमीनी हमले के लिए अमेरिका ने 3500 सैनिकों को भेजा है.
ईरान में जमीनी हमले की तैयारी में पेंटागन
वाशिंगटन पोस्ट के मुताबिक पेंटागन ईरान में जमीनी हमले की तैयारी कर रहा है. हालांकि डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर जमीनी हमले को मंजूरी देंगे या नहीं, यह कहा नहीं जा सकता.
ईरान की धरती पर उतरकर अमेरिकी सेना की कार्रवाई को लेकर विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने अलग बयान दिया है. उन्होंने कहा कि अमेरिका जमीनी सैनिकों के बिना भी ईरान में अपने लक्ष्य हासिल कर सकता है.
-भारत एक्सप्रेस
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