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भारत से ली खास ट्रेनिंग…अब Gen-Z प्रदर्शन से उपजे हालात को कर रहे हैंडल, जानें कौन हैं नेपाल आर्मी के मुखिया अशोक राज सिगडेल?

Nepal Army Chief General Ashok Raj Sigdel: नेपाल में प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के इस्तीफे के बाद भी प्रदर्शन जारी हैं. हिंसा और आगजनी के बीच सेना ने हस्तक्षेप किया और आर्मी चीफ जनरल अशोक राज सिग्देल ने देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील की. जानिए उनका भारत से खास कनेक्शन.

Nepal Army Chief's India connection

Nepal Army Chief General Ashok Raj Sigdel: नेपाल इन दिनों गहरे राजनीतिक संकट से गुजर रहा है. प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के इस्तीफे के बाद भी सड़कों पर जारी उग्र प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहे. राजधानी काठमांडू से लेकर प्रांतों तक हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं. तीन दिन से जारी हिंसा और आगजनी के बीच आखिरकार सेना को सीधे हस्तक्षेप करना पड़ा है.

नेपाल आर्मी के प्रमुख जनरल अशोक राज सिग्देल ने मंगलवार देर रात देशवासियों और खासकर जेनरेशन Z प्रदर्शनकारियों से अपील की कि वे शांति बनाए रखें और बातचीत के लिए आगे आएं. अब पूरे देश की बागडोर उनके हाथों में आ गई है. ऐसे में आइए आपको बताते हैं अशोक राज के बारे में और उनका भारत से क्या कनेक्शन रहा है.

कौन हैं जनरल अशोक राज सिग्देल?

जनरल अशोक राज सिग्देल नेपाल आर्मी के 45वें चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ हैं. उनका जन्म 1 फरवरी 1967 को नेपाल के रूपंदेही जिले में हुआ. उन्होंने 1986 में नेपाल आर्मी जॉइन की और एक साल बाद कमीशन हासिल किया.
उन्होंने चीन की नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी से स्ट्रैटेजिक स्टडीज में मास्टर्स और काठमांडू स्थित त्रिभुवन यूनिवर्सिटी से एमए किया है. इसके अलावा उन्होंने नेपाल, भारत और चीन में कई अहम सैन्य प्रशिक्षण कोर्स पूरे किए हैं.

खास बात यह है कि भारत में डिफेंस मैनेजमेंट कोर्स भी उन्होंने ही किया था. यही वजह है कि उन्हें भारत और चीन दोनों की सैन्य रणनीति की गहरी समझ है. नेपाल और भारत की सेनाओं के बीच एक खास रिश्ता भी रहा है. 12 दिसंबर 2024 में, जनरल सिग्देल ने भारत का आधिकारिक दौरा किया, जहां उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारतीय सेना के मानद जनरल (Honorary General) की उपाधि से सम्मानित किया गया.

शानदार रहा नेपाल आर्मी के प्रमुख का करियर

सिग्देल का करियर बेहद प्रभावशाली रहा है. उन्होंने सेना में इंस्पेक्टर जनरल, डायरेक्टर ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस जैसे महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है. बटालियन, ब्रिगेड और डिवीजन स्तर पर कमान भी संभाली. वे संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों का हिस्सा भी रहे और यूगोस्लाविया, ताजिकिस्तान तथा लाइबेरिया जैसे देशों में सेवा दी. 9 सितंबर 2024 को राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने उन्हें नेपाल आर्मी का प्रमुख नियुक्त किया था. इसके कुछ ही महीनों बाद
दिसंबर 2024 में भारत की अपनी आधिकारिक यात्रा के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें भारतीय सेना के मानद जनरल का रैंक प्रदान किया. इसलिए कहा जा सकता है कि वह भारत से थोड़े ज्यादा करीब माने जाते हैं.

क्यों भड़का आंदोलन?

नेपाल में हो रहे जेन Z के प्रदर्शनों ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है. प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति कार्यालय, प्रधानमंत्री आवास, संसद, सुप्रीम कोर्ट, राजनीतिक दलों के दफ्तरों और वरिष्ठ नेताओं के घरों को राख बना दिया है.

यह विरोध भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया पर लगी पाबंदी के खिलाफ था. हालांकि, सोमवार रात को सोशल मीडिया पर पाबंदी हटा ली गई, लेकिन प्रदर्शन नहीं रुके. प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और अन्य मंत्रियों के इस्तीफे के बाद नेपाल आर्मी ने मंगलवार रात 10 बजे से सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने का ऐलान किया.

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-भारत एक्सप्रेस 



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