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NTPC Vindhyachal Road Issue: गड्ढों से परेशान ग्रामीणों ने खुद भरी सड़क, चंदा जुटाकर की मरम्मत; प्रबंधन पर उठे सवाल

NTPC Vindhyachal road issue: सिंगरौली में NTPC विंध्याचल के पास नवजीवन बिहार से तेलगवां यूपी बॉर्डर तक सड़क की बदहाली से परेशान ग्रामीणों ने खुद गड्ढे भर दिए. पार्षद प्रेम सागर मिश्रा के नेतृत्व में ग्रामीणों ने चंदा जुटाकर सड़क की मरम्मत की, जिसके बाद NTPC प्रबंधन पर सवाल उठ रहे हैं.

NTPC Vindhyachal road issue

NTPC Vindhyachal road issue

NTPC Vindhyachal road issue: एशिया में सबसे अधिक बिजली उत्पादन करने वाले प्रमुख बिजली संयंत्रों में शामिल एनटीपीसी विंध्याचल सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट के आसपास सड़क की बदहाली को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई है. नवजीवन बिहार से तेलगवां यूपी बॉर्डर तक जाने वाली सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढे राहगीरों के लिए खतरा बन गए हैं. बारिश के मौसम में हालात और खराब हो गए हैं, जिससे बाइक सवार और आम लोग आए दिन दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं.

गड्ढों से परेशान ग्रामीणों ने खुद उठाया जिम्मा

सड़क की खराब हालत को लेकर कई बार शिकायत के बाद भी जब समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वार्ड 36 के पार्षद प्रेम सागर मिश्रा के नेतृत्व में ग्रामीणों ने खुद पहल की. ग्रामीणों ने चंदा जुटाकर सड़क के खतरनाक गड्ढों को भरने का काम शुरू कर दिया. ग्रामीणों की इस पहल का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अब एनटीपीसी प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं. लोग सवाल कर रहे हैं कि जब आम नागरिक अपने स्तर पर सड़क की मरम्मत कर सकते हैं तो जिम्मेदार संस्थाएं समय रहते कदम क्यों नहीं उठातीं.

एनटीपीसी प्रबंधन को पहले दिया गया था ज्ञापन

पार्षद प्रेम सागर मिश्रा ने बताया कि सड़क की मरम्मत को लेकर एनटीपीसी प्रबंधन और जिला प्रशासन को ज्ञापन दिया गया था. उन्होंने प्रबंधन को एक सप्ताह के अंदर सड़क सुधार का समय भी दिया था, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. इसके बाद मजबूरी में ग्रामीणों ने खुद सड़क की मरम्मत करने का फैसला लिया.

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4 करोड़ के टेंडर के बावजूद तत्काल राहत का सवाल

एनटीपीसी प्रबंधन की ओर से बताया गया है कि नवजीवन बिहार से तेलगवां यूपी बॉर्डर तक सड़क निर्माण के लिए करीब 4 करोड़ रुपये का टेंडर किया जा चुका है. हालांकि, बारिश के तीन महीने के दौरान डामरीकरण का काम संभव नहीं है और बरसात खत्म होने के बाद ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा.

बारिश तक गड्ढों में चलेंगे लोग? उठे सवाल

ग्रामीणों का कहना है कि अगर सड़क निर्माण का काम बारिश के बाद शुरू होगा तो तब तक लोगों को खराब सड़क पर जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ेगा. उनका सवाल है कि जब बड़े निर्माण कार्य में समय लग सकता है तो कम से कम गड्ढों को भरकर अस्थायी राहत क्यों नहीं दी जा सकती. इलाके के लोगों ने एनटीपीसी के वेलफेयर फंड से विकास कार्यों के दावों पर भी सवाल उठाए हैं. ग्रामीणों का कहना है कि सड़क जैसी मूलभूत सुविधा की हालत जिम्मेदार संस्थाओं की कार्यप्रणाली को दर्शाती है.

भारत एक्सप्रेस



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